बाढ़ का कुख्यात अपराधी भोला सिंह गिरफ्तार, सीबीआई ने दबोचा, 11 सालों से था फरार

  • सूरत में फर्जी पहचान बनाकर रह रहा था आरोपी, 2014 अपहरण कांड से जुड़ा मामला
  • कई गंभीर मामलों में वांछित अपराधी की गिरफ्तारी से कई राज्यों की पुलिस को राहत

पटना। सीबीआई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे कुख्यात अपराधी भोला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को 13 अप्रैल को गुजरात के सूरत शहर से पकड़ा गया, जहां वह फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। भोला सिंह, जो गौतम कुमार और अमित शर्मा जैसे अलग-अलग नामों से अपनी पहचान छिपाता रहा, पिछले 11 वर्षों से कानून की नजरों से बचता आ रहा था। उसकी गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, भोला सिंह की गिरफ्तारी वर्ष 2014 में कोलकाता में हुए दो निवासियों के अपहरण के मामले में की गई है। यह मामला लंबे समय तक पुलिस के लिए पहेली बना रहा, क्योंकि अपहृत व्यक्तियों का आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। जब स्थानीय पुलिस इस मामले को सुलझाने में विफल रही, तब उच्च न्यायालय के निर्देश पर इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी गई थी। जांच के दौरान भोला सिंह की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद से वह फरार घोषित कर दिया गया था। सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार नाम और दस्तावेज बदलता रहा। सूरत में वह ‘अमित शर्मा’ के नाम से रह रहा था और उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वहां अपना ठिकाना बना रखा था। गुप्त सूचना मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने सटीक योजना बनाकर उसे उसके ठिकाने से दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने बचने की कोशिश नहीं की, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह लंबे समय से छिपते-छिपाते थक चुका था। सीबीआई के अनुसार, भोला सिंह केवल अपहरण कांड तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ कई अन्य गंभीर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने और अन्य संगीन अपराध शामिल हैं। कुल मिलाकर उसके खिलाफ 11 से अधिक मामले विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी से बिहार, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों की पुलिस को भी बड़ी राहत मिली है, क्योंकि वह कई मामलों में वांछित था। बताया जाता है कि भोला सिंह मूल रूप से बिहार के पटना जिले के पंडारख क्षेत्र का निवासी है। बिहार पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित कर रखा था। लंबे समय से फरार रहने के कारण वह पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि कई पुराने मामलों की गुत्थियां सुलझाई जा सकेंगी।गौरतलब है कि भोला सिंह का नाम जदयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के साथ चली लंबी अदावत को लेकर भी चर्चा में रहा है। दोनों के बीच वर्षों से चली आ रही दुश्मनी स्थानीय राजनीति और आपराधिक जगत में चर्चित रही है। हालांकि इस गिरफ्तारी का उस विवाद से सीधा संबंध नहीं बताया गया है, फिर भी यह पहलू क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सीबीआई ने बताया कि आरोपी को सूरत की स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा। वहां से उसे पारगमन हिरासत पर कोलकाता ले जाया जाएगा, जहां आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान अपहरण कांड और अन्य मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। इस गिरफ्तारी को कानून व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लंबे समय से फरार और कई पहचान बदलकर रह रहे अपराधी को पकड़ना जांच एजेंसियों की सतर्कता और समन्वय का प्रमाण है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आगे की जांच में कौन-कौन से नए खुलासे सामने आते हैं।