वैशाली में शादी से पहले युवक ने की आत्महत्या, फोन पर बातचीत के बाद उठाया कदम
- सात मई को होनी थी शादी, घर में चल रही थीं तैयारियां, अचानक छाया मातम
- पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा कारणों का खुलासा
हाजीपुर। बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी से कुछ दिन पहले ही एक युवक ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिवार में खुशी का माहौल देखते ही देखते मातम में बदल गया। यह घटना भगवानपुर प्रखंड के प्रतापटांड पश्चिमी गांव की है। मृतक की पहचान बिट्टू कुमार के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय सतीश पटेल का पुत्र था। जानकारी के अनुसार, युवक ने अपने ही घर में कमरे के अंदर लगे छत के पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, बिट्टू कुमार की शादी आगामी सात मई को तय थी। शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं और घर में खुशी का माहौल था। लगभग तीन महीने पहले तिलक और फलदान की रस्में भी पूरी हो चुकी थीं। ऐसे में इस अचानक हुई घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। बताया जा रहा है कि युवक और उसकी मंगेतर के बीच नियमित रूप से मोबाइल फोन पर बातचीत होती थी। घटना वाली रात भी वह अपनी होने वाली पत्नी से फोन पर बात कर रहा था। परिजनों के अनुसार, बातचीत खत्म होने के कुछ समय बाद ही उसने यह कदम उठा लिया। हालांकि बातचीत के दौरान क्या हुआ, इसकी जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस इस पहलू को भी जांच के दायरे में रखकर मामले की छानबीन कर रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब युवक को कमरे में फंदे से लटका देखा गया तो उसे तुरंत नीचे उतारकर बिस्तर पर लिटाया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी एक बहन है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी भी उसी के कंधों पर थी। वह पेशे से लोहा वेल्डिंग का काम करता था और अपने परिवार के भरण-पोषण में सहयोग करता था। उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सत्यार्थी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभी तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक तनाव और व्यक्तिगत समस्याएं किस तरह युवाओं को इस तरह के कदम उठाने पर मजबूर कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार और समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। समय रहते बातचीत और सहयोग से कई दुखद घटनाओं को रोका जा सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और सभी संभावित कारणों को ध्यान में रखकर कार्रवाई कर रही है। गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं और मृतक के परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हुए हैं।


