इग्नू पटना में नए मैनेजमेंट कोर्स की शुरुआत, व्यावसायिक शिक्षा को मिला नया आयाम

  • डॉक्टर, इंजीनियर और कृषि स्नातकों के लिए अलग-अलग एमबीए कोर्स शुरू, विदेशी भाषाओं में बढ़ी रुचि
  • एआई से असाइनमेंट मूल्यांकन की पहल, 1.32 लाख विद्यार्थी ले रहे लाभ

पटना। राजधानी पटना के मीठापुर स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र में इस शैक्षणिक सत्र से कई नए और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की शुरुआत की गई है। इन नए पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के स्नातकों को उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप प्रबंधन शिक्षा प्रदान करना है। इग्नू पटना केंद्र देशभर में अपने व्यापक छात्र आधार और विविध पाठ्यक्रमों के लिए जाना जाता है। यहां वर्तमान में लगभग 1.32 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जो 305 विभिन्न पाठ्यक्रमों में नामांकित हैं। इस बार शुरू किए गए नए पाठ्यक्रमों ने इस केंद्र की शैक्षणिक पहचान को और मजबूत किया है। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कृष्णा राव एस्थरला ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सत्र से डॉक्टरों और नर्सिंग स्नातकों के लिए अस्पताल प्रबंधन में एमबीए पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। इसके अलावा इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में एमबीए तथा कृषि स्नातकों के लिए कृषि व्यवसाय प्रबंधन में एमबीए पाठ्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसी क्रम में सिविल इंजीनियर और वास्तुकला स्नातकों के लिए निर्माण प्रबंधन में एमबीए पाठ्यक्रम भी शुरू किया गया है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके क्षेत्र के अनुरूप व्यावहारिक और प्रबंधकीय कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। इग्नू पटना में विदेशी भाषाओं के प्रति भी विद्यार्थियों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए फ्रेंच, जर्मन, रूसी, जापानी, स्पेनिश, अरबी, कोरियन और फारसी भाषाओं में प्रमाण पत्र पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा जर्मन भाषा में डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है, जिसकी मांग विशेष रूप से अधिक देखी जा रही है। इस शैक्षणिक सत्र में दो नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं, जिनमें डेटा विज्ञान और विश्लेषण में एमए तथा मानवीय मूल्यों में एमए शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान समय में तकनीकी कौशल के साथ-साथ नैतिक और मानवीय मूल्यों का विकास भी आवश्यक है, इसी को ध्यान में रखते हुए इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत की गई है। इसके अलावा भारतीयता से जुड़े विषयों में भी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। ज्योतिष विज्ञान, संस्कृत, भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा से संबंधित विषयों में स्नातकोत्तर डिग्री और स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। इग्नू पटना ने इस बार एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए असाइनमेंट मूल्यांकन प्रक्रिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक का प्रयोग शुरू किया है। यह एक प्रायोगिक परियोजना के रूप में कुछ केंद्रों पर लागू किया गया है, जिसमें पटना केंद्र भी शामिल है। क्षेत्रीय निदेशक के अनुसार, इतने बड़े छात्र समूह के असाइनमेंट का मूल्यांकन पारंपरिक तरीके से करने में काफी समय लगता था। अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से यह प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक हो जाएगी। इससे परीक्षा समाप्त होने के बाद कम समय में ही विद्यार्थियों के अंकपत्र तैयार किए जा सकेंगे। वर्तमान में जनवरी सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है, जिसकी अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित की गई है। इच्छुक विद्यार्थी इस अवधि के भीतर विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। इग्नू पटना का यह नया शैक्षणिक विस्तार न केवल व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देता है, बल्कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान के समन्वय का एक सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। इससे राज्य के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और बेहतर रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।

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