सपा सांसद अवधेश प्रसाद का केंद्र पर हमला, कहा- पहली बार बंद हुई राम रसोई, अयोध्या में दूंगा धरना

नई दिल्ली। देश में रसोई गैस की कथित कमी को लेकर राजनीति तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा है कि गैस की कमी के कारण अयोध्या में राम रसोई बंद करनी पड़ी है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने इसे सरकार की नाकामी बताते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम की नगरी में गरीबों और जरूरतमंदों के लिए चलने वाली रसोई का बंद होना एक गंभीर मामला है। अवधेश प्रसाद ने कहा कि वर्षों से अयोध्या में राम के नाम पर यह रसोई चलाई जा रही थी, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोगों को भोजन मिलता था। लेकिन गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण इसे बंद करना पड़ा है।
पहली बार बंद हुई राम रसोई
सपा सांसद ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसी स्थिति बनी है जब अयोध्या में राम रसोई बंद करनी पड़ी है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जिस राम के नाम पर राजनीति की जाती रही है, उसी अयोध्या में गरीबों के लिए चलने वाली रसोई बंद होना सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि यह केवल एक रसोई का मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे उन गरीब और जरूरतमंद लोगों पर असर पड़ रहा है जो यहां से भोजन प्राप्त करते थे।
संसद में भी उठाया मुद्दा
अवधेश प्रसाद ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को संसद में भी उठाया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाए ताकि राम रसोई को दोबारा शुरू किया जा सके। उन्होंने कहा कि अयोध्या आने वाले कई श्रद्धालु और स्थानीय जरूरतमंद लोग इस रसोई पर निर्भर रहते हैं। इसलिए सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करते हुए गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए।
आंदोलन की चेतावनी
सपा सांसद ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही राम रसोई को दोबारा शुरू नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने घोषणा की कि वह 15 तारीख से अयोध्या में धरना देंगे। उनका कहना है कि जब तक राम रसोई फिर से शुरू नहीं हो जाती, तब तक वे इस मुद्दे को उठाते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी करेंगे।
गैस की कमी का बताया कारण
अयोध्या में राम मंदिर के पास स्थित अमावा मंदिर प्रबंधन द्वारा राम रसोई का संचालन किया जाता है। रसोई के बाहर लगाए गए एक नोटिस में बताया गया कि गैस की कमी के कारण खाना बनाना संभव नहीं हो पाया। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है। रसोई प्रबंधन का कहना है कि सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं होने के कारण उनके पास भोजन बनाने का कोई साधन नहीं बचा था। इसलिए मजबूरी में रसोई को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।
श्रद्धालुओं को हुआ झटका
राम मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं मानी जा रही है। कई लोग यहां दर्शन के बाद राम रसोई में भोजन करते थे। रसोई बंद होने से उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रसोई से रोजाना कई गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन मिलता था। इसलिए इसका बंद होना सामाजिक दृष्टि से भी चिंता का विषय है।
कई राज्यों में गैस की आपूर्ति प्रभावित
रिपोर्टों के अनुसार केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में भी गैस की कमी की शिकायतें मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि गैस एजेंसियों के बाहर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई होटल और रेस्टोरेंट में भी गैस की कमी के कारण काम प्रभावित हुआ है।
अखिलेश यादव ने भी सरकार को घेरा
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के नेता यह दावा कर रहे हैं कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है, तो उन्हें जनता के बीच जाकर स्थिति की वास्तविकता देखनी चाहिए। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि कहीं भी गैस की आपूर्ति बाधित हो रही है तो सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करना चाहिए।
राजनीतिक बहस तेज
राम रसोई बंद होने के मुद्दे पर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे सरकार की विफलता बता रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से इस विषय पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अयोध्या जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले शहर में इस तरह की घटना का राजनीतिक असर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि गैस की आपूर्ति सामान्य कब होती है और राम रसोई को दोबारा कब शुरू किया जाता है।

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