पटना में मकान में लगी भीषण आग, बुजुर्ग महिला की मौत, बचाने में पति घायल
पटना। राजधानी के करबिगहिया मुहल्ले में शुक्रवार देर रात एक रिहायशी मकान में भीषण आग लगने से 65 वर्षीय मालती देवी की झुलसकर मौत हो गई, जबकि उनके 75 वर्षीय पति बलीराम चौधरी घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल बलीराम चौधरी को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मालती देवी लंबे समय से लकवा (पैरालिसिस) से पीड़ित थीं और चलने-फिरने में असमर्थ थीं। आग लगने के दौरान वे खुद को सुरक्षित स्थान पर नहीं ले जा सकीं और लपटों की चपेट में आ गईं। उनके पति बलीराम चौधरी ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वे भी झुलस गए। बताया जाता है कि बलीराम चौधरी भी लकवे से प्रभावित हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के समय घर का छोटा बेटा रवि शंकर चौधरी अपनी पत्नी और बच्चे के साथ बाजार गया हुआ था। देर रात अचानक घर से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद आग की लपटें तेज हो गईं। पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने की कोशिश की और पानी व अन्य साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि तब तक मालती देवी गंभीर रूप से झुलस चुकी थीं। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दल की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया और पूरे मकान की तलाशी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील सामग्री के कारण आग भड़की हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना से पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार साधारण जीवन व्यतीत करता था और दोनों बुजुर्ग दंपति स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जाए। बलीराम चौधरी ने बताया कि आग उनके सामने लगी और उन्होंने तुरंत शोर मचाया। आसपास के लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी पत्नी को बचाया नहीं जा सका। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और अग्निकांड के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। करबिगहिया जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घरों में विद्युत उपकरणों की नियमित जांच और अग्नि सुरक्षा उपायों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और मोहल्ले के लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।


