गुजरात में सरकारी जमीन पर अफीम की खेती करते तीन गिरफ्तार, 9 करोड़ के बीच जब्त
कच्छ। गुजरात के कच्छ जिले में पुलिस ने सरकारी जमीन पर चल रही अफीम की अवैध खेती का बड़ा खुलासा किया है। रापर तालुका के भीमासर भुटाकिया गांव के पास गैर-कानूनी तरीके से अफीम पोस्त उगाई जा रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर कच्छ साइबर सेल ने छापा मारकर पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये मूल्य की अफीम पोस्त जब्त की गई है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दो एकड़ सरकारी जमीन पर चल रहा था धंधा
पुलिस को सूचना मिली थी कि भीमासर भुटाकिया गांव के आसपास सरकारी भूमि पर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि होने के बाद साइबर सेल की टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। जांच में पाया गया कि लगभग दो एकड़ जमीन पर अफीम पोस्त की फसल तैयार की गई थी। मौके से कुल 6,273 किलोग्राम अफीम पोस्त के बीज जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 9 करोड़ 41 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की खेती ने पुलिस और प्रशासन को चौंका दिया है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने प्रभुभाई भानाभाई, ईश्वरभाई डायाभाई गोयल और मनसुखभाई वजाभाई गोयल को गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी पिछले कई वर्षों से सरकारी जमीन पर अवैध खेती कर रहे थे। पुलिस के अनुसार यह गिरोह अफीम पोस्त की खेती कर उससे मादक पदार्थ तैयार करता था और फिर उसे बाजार में ऊंचे दामों पर बेचता था। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह अधिनियम मादक पदार्थों की अवैध खेती, उत्पादन और तस्करी पर सख्त सजा का प्रावधान करता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि समाज के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करती हैं। इसलिए इस मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
साइबर सेल की भूमिका अहम
इस पूरे ऑपरेशन में कच्छ साइबर सेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही। भुज रेंज के पुलिस महानिरीक्षक चिराग कोराडिया ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि खेत में अफीम के साथ गांजा भी उगाया गया था। उन्होंने बताया कि लगभग 9 करोड़ 45 लाख रुपये का मादक पदार्थ जब्त किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और यह अवैध कारोबार कहां-कहां तक फैला हुआ है।
बड़े नेटवर्क की आशंका
पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम पोस्त की खेती अकेले तीन लोगों के बस की बात नहीं हो सकती। संभावना है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय हो। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस मादक पदार्थ की सप्लाई किन राज्यों या देशों तक की जाती थी। वित्तीय लेन-देन और संपर्क सूत्रों की भी जांच की जा रही है।
ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
कच्छ क्षेत्र पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर चर्चा में रहा है। समुद्री मार्ग और सीमावर्ती इलाकों के कारण यहां तस्करों की गतिविधियां बढ़ने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई ड्रग्स के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में इस रैकेट से जुड़े अन्य संदिग्धों तक भी पहुंचने की कोशिश की जाएगी। साथ ही सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और खेती के मामलों की भी जांच की जाएगी।
सख्त निगरानी जारी
पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी जमीन की नियमित जांच की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की गतिविधियों को रोका जा सके। कच्छ में की गई इस कार्रवाई से साफ संकेत गया है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जल्द ही और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


