गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग जायज है: अरुण यादव
पटना। राजद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल जी द्वारा बिहार विधानसभा में गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग को उठाये जाने का स्वागत करता किया है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि बुलो मंडल जी जब राष्ट्रीय जनता दल के सांसद थे, उस समय भी दिनांक: 31/07/2018 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी से मिलकर गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांग पुरजोर तरीके से की थी। राजद प्रवक्ता ने कहा कि ज्ञात हो कि माननीय नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी के संघर्ष व प्रण अनुरूप महागठबंधन की बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना कराई। जाति आधारित गणना के उपरांत पिछड़ों, अतिपिछड़ों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ा कर 65% किया गया।लेकिन आरक्षण का बढ़ाए गए दायरा को अभी तक भाजपा और केंद्र सरकार ने 9वीं सूची में शामिल नहीं कर वंचितों, अतिपिछड़ों, दलितों के साथ अन्याय कर रही है।राजद प्रवक्ता ने कहा कि गणना में सभी जातियों की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्थिति उजागर हुई। जिसमे गंगोता जाति की स्थिति काफी दयनीय है। गंगोता समाज को अनुसूचित जनजाति में शामिल करके ही समाज के मुख्यधारा में लाया जा सकता है, उन्हें मजबूत बनाया जा सकता है। इसलिए गंगोता जाति के वोट के बल पर बिहार विधानसभा का मुंह देखने वाले बिहपुर, पीरपैंती, कहलगांव, भागलपुर और नाथनगर के NDA विधायकों को गंगोता जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की मांगों का समर्थन करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के सामने आवाज बुलंद करना चाहिए। न कि मुँह पर दही जमाये बैठे रहना चाहिए। राजद प्रवक्ता ने गंगोता समाज से भी अपील किया है कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर उतरें।


