अमित शाह कल तीन दिवसीय दौरे पर आएंगे बिहार, घुसपैठ को लेकर सीमांचल में बैठक, अलर्ट मोड पर पुलिस प्रशासन
पटना। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार से तीन दिवसीय बिहार दौरे पर आ रहे हैं। 25 फरवरी से 27 फरवरी तक चलने वाले इस प्रवास के दौरान उनका मुख्य फोकस सीमांचल क्षेत्र रहेगा। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान वे सीमावर्ती जिलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। घुसपैठ, जनसंख्या संरचना में बदलाव और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दे एजेंडे में प्रमुख रहेंगे।
सीमांचल में उच्चस्तरीय बैठकें
गृह मंत्री अपने दौरे के दौरान अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में बैठकें करेंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, इंडो-नेपाल सीमा से सटे गांवों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों को विशेष निर्देश दिए जाने की संभावना है, ताकि घुसपैठ की पहचान और रोकथाम के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। सूत्रों का कहना है कि बैठक में सीमा क्षेत्रों में अवैध धार्मिक निर्माणों के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने पर जोर रहेगा।
डेमोग्राफिक बदलाव पर चर्चा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीमांचल के जिलों में मुस्लिम आबादी राज्य औसत 17.7 प्रतिशत से काफी अधिक है। किशनगंज में यह लगभग 68 प्रतिशत तक बताई जाती है, जबकि अररिया, कटिहार और पूर्णिया में भी यह 50 से 70 प्रतिशत के बीच है। खुली सीमाओं के कारण नेपाल और बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। सरकार का मानना है कि जनसंख्या संरचना में बदलाव का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। इसी संदर्भ में गृह मंत्री सीमांचल के सातों जिलों के अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करेंगे।
प्रशासन अलर्ट मोड में
गृह मंत्री के दौरे को देखते हुए बिहार सरकार और जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सीमांचल के सातों जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को तैयारी तेज करने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। अधिकारियों को विकास योजनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़ी अद्यतन रिपोर्ट तैयार रखने को कहा गया है। पंचायत स्तर तक तैयारियों की निगरानी की जा रही है।
सीमा सुरक्षा बल के साथ बैठक
दौरे के दौरान अमित शाह सीमा सुरक्षा बल सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे। इस बैठक में प्रवर्तन निदेशालय और अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। सीमा क्षेत्रों में निगरानी तंत्र को और सशक्त बनाने तथा अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की रणनीति पर चर्चा होगी। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरे में शामिल रहेंगे और आगामी महीनों के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
विकास और सुरक्षा दोनों पर जोर
गृह मंत्री का फोकस केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। सीमांचल क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर भी चर्चा होगी। जानकारी के अनुसार, वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत चयनित पंचायतों का निरीक्षण भी कार्यक्रम में शामिल हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सरकार का उद्देश्य सीमांचल को ‘घुसपैठ मुक्त’ बनाने के साथ-साथ कानून-व्यवस्था और विकास को मजबूत करना है। जिस तरह कुछ क्षेत्रों को नक्सल प्रभाव से मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाए गए थे, उसी तर्ज पर सीमावर्ती इलाकों में भी सख्त कदम उठाने की रणनीति बन रही है।
आगामी रणनीति की रूपरेखा
तीन दिवसीय दौरे के दौरान तैयार होने वाली कार्ययोजना का असर आने वाले महीनों में देखने को मिल सकता है। गृह मंत्रालय और राज्य प्रशासन मिलकर सीमा सुरक्षा, अवैध निर्माण, घुसपैठ और विकास योजनाओं के समन्वय पर जोर देंगे। गृह मंत्री का यह दौरा राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीमांचल क्षेत्र लंबे समय से सुरक्षा और जनसंख्या संबंधी मुद्दों के कारण चर्चा में रहा है। ऐसे में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें और संभावित सख्त निर्देश आने वाले समय में क्षेत्र की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। फिलहाल जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह तैयारियों में जुटा है। गृह मंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।


