दिल्ली में लाल किला और विधानसभा को मिली बम से उड़ाने की धमकी, अलर्ट जारी, एक्टिव हुई सुरक्षा एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार सुबह दिल्ली विधानसभा और ऐतिहासिक लाल किले को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गईं। इस धमकी के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
सुबह मिले धमकी भरे ईमेल से मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब सात बजे धौला कुआं स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल को एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि सुबह 9 बजकर 11 मिनट पर दिल्ली विधानसभा और लाल किले में बम धमाका किया जाएगा। ईमेल की भाषा और उसमें दिए गए समय ने स्कूल प्रशासन को गंभीर रूप से चिंतित कर दिया। बिना देरी किए स्कूल प्रबंधन ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई सुरक्षा एजेंसियां
धमकी की जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं। पुलिस ने सबसे पहले दिल्ली विधानसभा और लाल किला के आसपास के इलाकों को घेर लिया। इन दोनों ही स्थानों को अत्यंत संवेदनशील माना जाता है, इसलिए यहां तुरंत सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। बम निरोधक दस्ता, श्वान दस्ता और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर तैनात कर दी गईं।
तलाशी अभियान, लेकिन राहत की खबर
कई घंटों तक चले तलाशी अभियान के बाद राहत की खबर सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर कोने की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए जांच पूरी सावधानी के साथ की जा रही है।
ईमेल के स्रोत की जांच में जुटी साइबर टीम
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि धमकी भरा ईमेल किसने और कहां से भेजा। पुलिस ने साइबर सेल को तुरंत अलर्ट कर दिया है। साइबर विशेषज्ञ ईमेल की तकनीकी जांच कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किसी शरारती तत्व की हरकत है या इसके पीछे कोई संगठित साजिश छिपी हुई है। पुलिस का कहना है कि आईपी एड्रेस और सर्वर से जुड़ी जानकारी खंगाली जा रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं फर्जी धमकियां
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में इस तरह की धमकी मिली हो। पिछले कुछ हफ्तों में राजधानी के कई स्कूलों और संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। इससे पहले गुरुवार सुबह दिल्ली के कम से कम तीन स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इन धमकियों के बाद आपातकालीन एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्कूल परिसरों को खाली कराया और तलाशी अभियान चलाया था।
स्कूलों में भी मचा था हड़कंप
दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक अधिकारी ने बताया था कि द्वारका स्थित सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल, सेंट थॉमस स्कूल और पश्चिम एनक्लेव स्थित डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल को धमकी भरे ईमेल मिले थे। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और बचाव दल तुरंत इन स्कूलों में भेजे गए। एहतियात के तौर पर छात्रों और कर्मचारियों को स्कूल परिसर से बाहर निकाल लिया गया था। हालांकि बाद में सभी धमकियों को फर्जी करार दिया गया। सोमवार की ताजा धमकी के बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी चौकसी बढ़ा दी है। प्रमुख सरकारी इमारतों, पर्यटन स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वाहनों की जांच तेज कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बढ़ी चुनौती
लगातार मिल रही इन धमकियों ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती बढ़ा दी है। हर धमकी को गंभीरता से लेना जरूरी होता है, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। वहीं, बार-बार फर्जी धमकियां मिलने से संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव भी पड़ रहा है।
जनता से सहयोग की अपील
पुलिस और प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी को कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में
फिलहाल दिल्ली विधानसभा और लाल किले के आसपास स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। तलाशी अभियान जारी है और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे को लेकर पूरी तरह मुस्तैद हैं। पुलिस का कहना है कि जैसे ही जांच में कोई ठोस जानकारी सामने आएगी, उसे सार्वजनिक किया जाएगा। राजधानी में लगातार मिल रही बम धमकियों ने चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और सतर्कता से अब तक किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सका है। प्रशासन का कहना है कि वह किसी भी खतरे को हल्के में नहीं ले रहा और दिल्ली की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।


