असम में महसूस किए गए भूकंप के झटके, लोगों में दहशत, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
नई दिल्ली। असम में सोमवार तड़के भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। नींद में सो रहे लोग अचानक धरती के हिलने से घबरा गए और घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। यह भूकंप सुबह करीब चार बजकर सत्रह मिनट पर महसूस किया गया, जिससे पूरे मध्य असम सहित पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की तत्काल कोई सूचना सामने नहीं आई है।
भूकंप की तीव्रता और केंद्र की जानकारी
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.1 मापी गई। भूकंप का केंद्र असम के मोरीगांव जिले में ब्रह्मपुत्र नदी के दक्षिणी तट के पास स्थित था। भूकंप का केंद्र 26.37 उत्तरी अक्षांश और 92.29 पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया। इसकी गहराई लगभग 50 किलोमीटर बताई गई है, जो मध्यम गहराई का भूकंप माना जाता है। इसी कारण झटके अपेक्षाकृत व्यापक क्षेत्र में महसूस किए गए।
मध्य असम में व्यापक असर
भूकंप के झटके असम के कई जिलों में महसूस किए गए। मध्य असम के कामरूप महानगर, नगांव, होजाई, दीमा हसाओ, गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव, कछार, करीमगंज और हैलाकांडी जिलों में लोगों ने तेज कंपन महसूस किया। कई जगहों पर लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए और कुछ समय तक खुले स्थानों में ही खड़े रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि झटके इतने तेज थे कि खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे।
ब्रह्मपुत्र के उत्तरी तट पर भी कंपन
भूकंप का असर केवल दक्षिणी तट तक सीमित नहीं रहा। ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर भी झटके महसूस किए गए। दर्रांग, सोनितपुर, बिश्वनाथ, उदलगुड़ी, नलबाड़ी, बारपेटा, बक्सा, चिरांग, कोकराझार, बोंगाईगांव और लखीमपुर जैसे जिलों में भी लोग भूकंप के झटकों से सहम गए। कई इलाकों में सुबह-सुबह लोग घरों से बाहर निकलकर एक-दूसरे से भूकंप की पुष्टि करते नजर आए।
पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी असर
इस भूकंप का प्रभाव केवल असम तक सीमित नहीं रहा। झटके अरुणाचल प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी महसूस किए गए। इसके अलावा पूरे मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भूकंप का असर देखा गया। पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भी लोगों ने हल्के से मध्यम झटकों की सूचना दी है।
पड़ोसी देशों तक महसूस हुए झटके
रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के झटके भारत की सीमाओं से बाहर भी महसूस किए गए। मध्य-पूर्वी भूटान, बांग्लादेश और चीन के कुछ हिस्सों में भी धरती के हिलने की खबरें सामने आई हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि भूकंप का प्रभाव क्षेत्र काफी व्यापक था। हालांकि इन देशों से भी किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। इन वीडियो में भूकंप की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक वीडियो में घर के अंदर लगा बल्ब अचानक जलता और फिर बुझता नजर आ रहा है, जिससे साफ पता चलता है कि झटके कितने तेज थे। कुछ अन्य वीडियो में लोग डर के मारे घरों से बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग अपने अनुभव साझा करते हुए एक-दूसरे की कुशलक्षेम भी पूछते नजर आए।
लोगों में दहशत का माहौल
तड़के भूकंप आने के कारण लोगों में दहशत ज्यादा देखी गई। नींद से अचानक जागकर लोग समझ नहीं पाए कि क्या हो रहा है। कई परिवार बच्चों और बुजुर्गों को लेकर बाहर निकल आए। कुछ इलाकों में लोग काफी देर तक घरों में वापस जाने से डरते रहे। हालांकि प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही गई है।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र
पूर्वोत्तर भारत भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यह इलाका उच्च भूकंपीय क्षेत्र में आता है, जहां समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यहां की भूगर्भीय संरचना ऐसी है, जिससे मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप की संभावना बनी रहती है। इसी कारण लोगों को हमेशा सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
प्रशासन और एजेंसियों की नजर
भूकंप के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। हालांकि फिलहाल किसी तरह के बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। असम और पूर्वोत्तर भारत में आया यह भूकंप भले ही बड़े नुकसान का कारण नहीं बना, लेकिन इसने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि यह क्षेत्र भूकंपीय रूप से कितना संवेदनशील है। तड़के आए झटकों ने लोगों को डरा जरूर दिया, लेकिन समय पर सतर्कता और जागरूकता ही ऐसे प्राकृतिक आपदाओं से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।


