सदिसोपुर रेलवे स्टेशन की लाचार व्यवस्था पर यात्री की कविता वायरल
बिहटा, (मोनू कुमार मिश्रा)। दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाला सदिसोपुर रेलवे स्टेशन आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। जहाँ एक ओर देश डिजिटल इंडिया और आधुनिक रेल व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, वहीं इस स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर स्टेशन पर कुछ भी उपलब्ध नहीं है।यात्रियों की समस्याओं और स्टेशन की बदहाल स्थिति को लेकर हाल ही में एक यात्री ने सोशल मीडिया पर अनोखे अंदाज़ में कविता लिखी है। इस कविता में स्टेशन को स्वयं अपनी व्यथा सुनाते हुए दर्शाया गया है। कविता में स्टेशन ने अपने गौरवशाली अतीत, मुसाफिरों को पहुँचाई गई मंज़िल और शिक्षा का प्रतीक बनने की बात कही है। साथ ही, यह भी बताया कि बार-बार उपद्रवियों और असामाजिक तत्वों द्वारा स्टेशन को क्षति पहुँचाई गई, लेकिन इसके बावजूद स्टेशन ने हमेशा यात्रियों की सेवा की।कविता के अंत में स्टेशन की आवाज़ कहती है कि “नई इमारतें नहीं चाहिए, मेरी खोई हुई पहचान लौटा दो।” यह पंक्तियाँ यात्रियों की उस पीड़ा को उजागर करती हैं, जो वर्षों से सुविधाओं के अभाव में झेलनी पड़ रही है।लोगों का कहना है कि रेलवे प्रशासन को सदिसोपुर स्टेशन की ओर ध्यान देना चाहिए और यात्रियों को बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध करानी चाहिए। सोशल मीडिया पर वायरल यह कविता अब स्थानीय लोगों की आवाज़ बन चुकी है।


