August 12, 2026

पटना समेत 26 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी, मौसम विभाग ने जारी की वज्रपात करने की चेतावनी

पटना। बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने पटना समेत 26 जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य के मध्य और पूर्वी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के मुताबिक पटना, नालंदा, जहानाबाद, गया, नवादा, जमुई, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही मेघ गर्जन और भारी बारिश का भी पूर्वानुमान जताया गया है। विभाग ने किशनगंज जिले के दो स्थानों पर विशेष रूप से भारी बारिश की चेतावनी दी है। वहीं, पटना, वैशाली और समस्तीपुर जिलों में *ऑरेंज अलर्ट* जारी किया गया है। इन जिलों में भी तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 19 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। लगातार बारिश और नदियों के उफान से बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अब तक बाढ़ से 26 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लगभग 12 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बेगूसराय जिले में आठ प्रखंडों की 29 पंचायतें पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। गांवों में पानी भरने से सड़क संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों को नाव या अस्थायी पुल के सहारे आना-जाना पड़ रहा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 11 अगस्त से सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश जारी किया है। बेगूसराय, खगड़िया, समस्तीपुर, दरभंगा और सहरसा समेत कई जिलों में ग्रामीण अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों या राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। मौसम विभाग ने विशेष चेतावनी दी है कि वज्रपात के समय लोग खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। साथ ही खुले बिजली के तारों से दूरी बनाए रखें। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और चरवाहों से अपील की गई है कि बारिश और बादल गरजने के दौरान खेतों में काम न करें और तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से बाढ़ प्रभावित इलाकों में सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से पानी भरे क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। मोबाइल पर एसएमएस अलर्ट और लाउडस्पीकर से लगातार लोगों को सचेत किया जा रहा है।सरकारी एजेंसियां और प्रशासनिक टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। नावों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित जिलों में तैनात हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाने और दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले कुछ दिनों तक बिहार में मौसम की मार जारी रहेगी। ऐसे में राज्य सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे लोगों की सुरक्षा और राहत सामग्री की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

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