February 26, 2026

पटना में 5 जगहों पर लगेगा रिवर्स वेंडिंग मशीन, प्लास्टिक बोतल देने पर मिलेगा ऑनलाइन कूपन

पटना। नगर निगम ने शहर को प्लास्टिक कचरे से मुक्त करने और लोगों को स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। इसके तहत शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर रिवर्स वेंडिंग मशीनें लगाई जाएंगी, जहां लोग इस्तेमाल की हुई प्लास्टिक बोतलें और कैरी बैग डालकर बदले में ग्रीन प्वाइंट और कूपन प्राप्त कर सकेंगे। इन कूपनों को बाद में ऑनलाइन या स्टोर पर कैश की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा।
शुरुआत पांच स्थानों से
नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि शुरुआती चरण में पांच जगहों पर रिवर्स वेंडिंग मशीन लगाई जाएंगी। इनमें जेपी गंगा पथ पर दो, मौयालोक कॉम्प्लेक्स और पटना चिड़ियाघर के गेट नंबर एक पर एक-एक तथा बोरिंग रोड चौराहे पर एक मशीन स्थापित की जाएगी। इन मशीनों का रखरखाव मेसर्स बायोक्रक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जो तीन साल की वारंटी के साथ-साथ बाद में वार्षिक रखरखाव की सुविधा भी प्रदान करेगा।
मशीन का काम करने का तरीका
रिवर्स वेंडिंग मशीन अत्याधुनिक तकनीक से बनी है। इसमें लोग खाली प्लास्टिक बोतल डालेंगे, फिर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करेंगे। मशीन बोतल को तुरंत क्रशर के माध्यम से छोटा कर देगी और रीसाइकिल योग्य बोतलों की संख्या के आधार पर प्रोत्साहन अंक देगी। एक बोतल डालने पर एक ग्रीन प्वाइंट मिलेगा, और पांच अंक पूरे होने पर एक कूपन जारी किया जाएगा। ये अंक और कूपन मोबाइल नंबर से जुड़े अकाउंट में जमा हो जाएंगे, जिन्हें बाद में ऑनलाइन खरीदारी या स्टोर में भुनाया जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण में लाभ
नगर निगम के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञ अरविंद कुमार के अनुसार, इस मशीन के उपयोग से हर साल लगभग 42 टन तक कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकेगा। इसके अलावा, 700 लीटर तक अतिरिक्त ईंधन जलने से बचेगा और रीसाइक्लिंग की प्रक्रिया में लगभग 52 हजार लीटर पानी की बचत होगी। यह पहल न केवल शहर की स्वच्छता में मदद करेगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत प्रक्रिया
रिवर्स वेंडिंग मशीन में इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे जमा हुए कचरे की ऑनलाइन ट्रैकिंग संभव होगी। यह प्रणाली पारदर्शी तरीके से काम करेगी, जिसमें डेटा साझा करने और निगरानी की सुविधा मौजूद होगी। इस तरह, नगर निगम को यह जानकारी मिलती रहेगी कि कितनी बोतलें रीसाइकिल के लिए एकत्र की गईं और उनका निपटान किस प्रकार किया गया।
स्वच्छता में नागरिकों की भागीदारी
यह योजना नागरिकों को स्वच्छता के कार्य में सीधे तौर पर शामिल करने का एक प्रभावी तरीका है। लोग न केवल अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों को साफ रखने में योगदान देंगे, बल्कि इसके बदले में उन्हें प्रोत्साहन भी मिलेगा। इससे लोगों में प्लास्टिक के सही निपटान की आदत विकसित होगी और कचरा प्रबंधन की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। पटना नगर निगम की यह पहल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण दोनों दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। रिवर्स वेंडिंग मशीनों की स्थापना से शहर में प्लास्टिक कचरे की मात्रा घटेगी, रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को प्रोत्साहन के माध्यम से इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह कदम आने वाले समय में अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।

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