February 26, 2026

रक्षाबंधन पर पटना के इको पार्क पहुंचे मुख्यमंत्री, सीएम नीतीश ने वृक्षों को बांधा रक्षासूत्र

पटना। रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर पटना के इको पार्क में एक विशेष आयोजन हुआ, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पारंपरिक अंदाज में पेड़ों को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। यह कार्यक्रम सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी का प्रदर्शन था।
पेड़ों की रक्षा का संकल्प
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर वर्ष रक्षाबंधन के दिन वृक्षों को राखी बांधने की परंपरा निभाते हैं। उनका मानना है कि जैसे भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है, वैसे ही मनुष्यों को भी धरती पर जीवनदायी वृक्षों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि पेड़ हमारे जीवन के लिए उतने ही जरूरी हैं जितनी सांसें, इसलिए इन्हें बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है। इस अवसर पर मौजूद मंत्रियों और अधिकारियों ने भी पेड़ों को राखी बांधकर पर्यावरण संरक्षण का प्रण लिया।
हल्के-फुल्के अंदाज में पत्रकारों से मुलाकात
राखी बांधने और पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने अचानक पत्रकारों की ओर मुस्कुराते हुए रुख किया। उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि पत्रकारों के लिए सूप की व्यवस्था की जाए। कुछ ही देर में सभी पत्रकारों को गर्मागर्म सूप परोसा गया। इसके बाद नीतीश कुमार खुद एक बड़े प्लास्टिक बोतल में भरा नमकीन लेकर पत्रकारों के पास पहुंचे। उन्होंने अपने सुरक्षा कर्मी से बोतल का ढक्कन खुलवाया और नमकीन बांटा। यह नजारा वहां मौजूद सभी के चेहरे पर मुस्कान ले आया और कैमरों में कैद हो गया।
त्योहार का संदेश और शुभकामनाएं
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह त्योहार भाई-बहन के प्रेम और आपसी सद्भाव का प्रतीक है, और समाज में भाईचारा और सम्मान बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएं और उसकी देखभाल ऐसे करें जैसे परिवार के किसी सदस्य की करते हैं।
मुख्यमंत्री का बदलता अंदाज
हाल के दिनों में नीतीश कुमार कई सार्वजनिक आयोजनों में सहज और हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाई दे रहे हैं। चाहे मंच से चुटीले संवाद हों या आम जनता और मीडिया से सीधा संपर्क, उनका यह बदला हुआ रंग-ढंग लोगों का ध्यान खींच रहा है। इको पार्क का यह कार्यक्रम भी इसी का एक उदाहरण बना, जहां गंभीर पर्यावरण संदेश के साथ-साथ सहज मानवीय जुड़ाव भी देखने को मिला।
पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता
रक्षाबंधन के इस अवसर पर इको पार्क में पौधारोपण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्य नहीं, बल्कि यह जीवनभर की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपील की कि लोग सिर्फ पेड़ लगाएं ही नहीं, बल्कि उसकी नियमित देखभाल भी करें, क्योंकि पेड़ धरती पर जीवन चक्र को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस तरह रक्षाबंधन का यह आयोजन न केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्सव बना, बल्कि पर्यावरण के संरक्षण के प्रति एक प्रेरक संदेश भी बन गया। मुख्यमंत्री का यह प्रयास दिखाता है कि परंपरा और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को एक साथ जोड़कर भी समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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