February 26, 2026

प्रदेश के 9 जिलों में वज्रपात के साथ बारिश का अलर्ट, पटना में होगी तेज वर्षा, लोग रहे सावधान

पटना। बिहार में रक्षाबंधन के मौके पर मानसून अपने पूरे जोरों पर है। हालांकि यह बारिश जहां कुछ जगहों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं कई इलाकों में आफत बन गई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल उत्तरी बिहार में पूरी तरह सक्रिय है, जबकि दक्षिणी इलाकों में अपेक्षाकृत कम बारिश हो रही है। राजधानी पटना सहित कई जिलों में लगातार हो रही तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से भारी बारिश की संभावना जताई है। गुरुवार देर रात पटना जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया, जिसमें तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी गई। शुक्रवार सुबह वैशाली और सारण जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित कर लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई। वहीं बक्सर, नालंदा, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट जारी कर अगले कुछ घंटों में तेज हवा, बारिश और बिजली गिरने का खतरा बताया गया है।
भारी बारिश से प्रभावित जिले
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 24 घंटों में किशनगंज, अररिया, सुपौल, कटिहार, भागलपुर, पूर्णिया, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। इन क्षेत्रों में मानसून का प्रभाव इतना अधिक है कि निचले इलाकों में जलजमाव बढ़ गया है और बिजली गिरने का जोखिम भी अधिक हो गया है। पूर्णिया, दरभंगा, सीतामढ़ी, पश्चिमी चंपारण और समस्तीपुर में लगातार तेज बारिश से हालात बिगड़ रहे हैं। वहीं भोजपुर, बक्सर और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
चक्रवाती परिसंचरण का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बिहार से होते हुए पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय इलाकों और बांग्लादेश के मध्य हिस्सों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण इस खराब मौसम का मुख्य कारण है। इस वजह से उत्तरी बिहार में लगातार घने बादल, मेघ गर्जन, हल्की बूंदाबांदी और कई जगह मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
गंगा और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ा
भारी बारिश का असर नदियों के जलस्तर पर भी साफ दिख रहा है। पटना के गांधी घाट पर गंगा नदी खतरे के निशान से 1.15 मीटर ऊपर बह रही है। मनेर में यह 82 सेंटीमीटर, हाथीदह में 86 सेंटीमीटर और दानापुर में 50 सेंटीमीटर ऊपर है। निचले इलाकों में कमर तक पानी भर चुका है, जिससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि 9 और 10 अगस्त को राज्य में फिर से तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले छह दिनों तक उत्तरी बिहार के विभिन्न हिस्सों में यही मौसम बना रहेगा।
जनजीवन पर असर
लगातार बारिश से गांवों में खेत जलमग्न हो गए हैं और फसलें डूबने लगी हैं। कई जगह लोग राहत शिविरों की ओर जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जीवन बेहद कठिन हो गया है। जहां एक ओर बारिश पानी की कमी से जूझते इलाकों में वरदान है, वहीं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में यह किसी सजा से कम नहीं साबित हो रही है। बिहार में इस समय मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। प्रशासन और मौसम विभाग लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने की आशंका है, इसलिए जनसाधारण के लिए जरूरी है कि वे अलर्ट और सावधान रहें, ताकि इस प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम किया जा सके।

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