February 25, 2026

प्रदेश में अब शिक्षकों को मिलेगी मनचाही पोस्टिंग, तीन जिलों का विकल्प, सीएम ने की घोषणा

पटना। बिहार सरकार ने शिक्षकों के हित में एक अहम और संवेदनशील निर्णय लेते हुए उनके स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर नई व्यवस्था की घोषणा की है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई इस घोषणा के अनुसार, अब शिक्षक अपनी मनचाही पोस्टिंग के लिए तीन जिलों का विकल्प दे सकेंगे। यह फैसला उन शिक्षकों के लिए विशेष राहत लेकर आया है, जो हाल ही में हुई स्थानांतरण प्रक्रिया से असंतुष्ट थे या उन्हें पसंदीदा जिलों में नियुक्ति नहीं मिली थी।
मुख्यमंत्री की घोषणा
मुख्यमंत्री ने इस निर्णय की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण को लेकर कई माध्यमों से सुझाव प्राप्त हो रहे थे। इन सुझावों की समीक्षा के बाद उन्होंने शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन शिक्षकों को स्थानांतरण में समस्या हो रही है, उनसे तीन जिलों का विकल्प प्राप्त किया जाए। इसके बाद उसी में से किसी एक जिले में उनकी नियुक्ति की जाएगी।
प्रक्रिया में पारदर्शिता और लचीलापन
इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि शिक्षकों की व्यक्तिगत आवश्यकताओं और पारिवारिक परिस्थितियों का ध्यान रखते हुए उनका स्थानांतरण किया जाए। नई व्यवस्था पारदर्शी और शिक्षक हितैषी है, जो प्रशासनिक कठोरता को मानवीय दृष्टिकोण से संतुलित करती है। इससे न केवल शिक्षकों में कार्य के प्रति संतोष बढ़ेगा बल्कि उनकी कार्यक्षमता और समर्पण में भी वृद्धि होगी।
प्रखंड स्तर पर पदस्थापन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जिलों के अंदर पदस्थापन का कार्य जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा किया जाएगा। यह समिति यह प्रयास करेगी कि शिक्षकों को उनके इच्छित प्रखंडों या उनके नजदीकी क्षेत्रों में पदस्थापित किया जा सके। यह कदम शिक्षकों को घर के पास कार्यस्थल उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है, जिससे वे पारिवारिक और सामाजिक रूप से संतुलन बना सकें।
शिक्षकों से अपेक्षा: समर्पित सेवा
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया को लेकर चिंतित न हों और निश्चिंत होकर बच्चों की शिक्षा में समर्पित भाव से कार्य करें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक समाज की नींव होते हैं और उनके योगदान से ही बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। सरकार शिक्षकों की समस्याओं को समझती है और उन्हें दूर करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
शैक्षणिक माहौल होगा मजबूत
यह निर्णय केवल शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका व्यापक असर राज्य के शैक्षणिक वातावरण पर भी पड़ेगा। जब शिक्षक मानसिक रूप से संतुलित, पारिवारिक रूप से संतुष्ट और सामाजिक रूप से जुड़े होंगे, तो वे शिक्षा में अपनी पूरी ऊर्जा लगा सकेंगे। इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी और पूरे राज्य का शैक्षणिक प्रदर्शन सुधरेगा। बिहार सरकार का यह कदम एक दूरदर्शी और संवेदनशील निर्णय है, जो शिक्षकों की समस्याओं को समझते हुए उन्हें राहत देने की दिशा में उठाया गया है। इससे न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में स्थायित्व और गुणवत्ता का नया आयाम जुड़ेगा। मुख्यमंत्री की यह पहल निश्चित रूप से बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगी।

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