February 25, 2026

समस्तीपुर में महिला की संदिग्ध मौत से हड़कंप, ससुराल वालों पर हत्या का आरोप, परिवार फरार

समस्तीपुर। जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के केवटा गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतका की पहचान बबलू यादव की पत्नी सोनम कुमारी के रूप में हुई है, जिसने लगभग डेढ़ वर्ष पहले बबलू यादव से प्रेम विवाह किया था। यह शादी अंतरजातीय थी और पहले कुछ समय तक दोनों ने मंदिर में विवाह के बाद परिवार की सहमति से एक साथ रहना शुरू किया।
सब्जी मंडी से शुरू हुई पहचान
मृतका की बड़ी बहन फुलो देवी के अनुसार, सोनम कुमारी दो साल पहले दलसिंहसराय की मंडी में सब्जी बेचने का काम करती थी। वहीं उसकी पहचान बबलू यादव से हुई, जो खुद भी सब्जी विक्रेता था। जान-पहचान धीरे-धीरे प्रेम में बदली और दोनों ने मंदिर में जाकर विवाह कर लिया। शुरू में परिवार ने विरोध किया, लेकिन बाद में सहमति दे दी गई और दोनों साथ रहने लगे। कुछ ही महीनों बाद सोनम ने एक बच्चे को जन्म दिया, जिससे रिश्ते को सामाजिक मान्यता और मजबूती मिलने की उम्मीद की जा रही थी।
दहेज की मांग ने बिगाड़ी जिंदगी
शादी के कुछ महीने बाद ही ससुराल वालों का रवैया बदलने लगा। फुलो देवी के अनुसार, सोनम को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। ससुराल वाले कैश और जेवर की मांग कर रहे थे, और जब ये मांगें पूरी नहीं हुईं तो सोनम के साथ मारपीट की जाने लगी। इस बारे में सोनम ने कई बार अपनी बहनों को फोन कर बताया भी था। मायके पक्ष ने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। कुछ दिन शांत रहने के बाद फिर से प्रताड़ना शुरू हो जाती थी।
हत्या का आरोप और पुलिस की जांच
फुलो देवी ने साफ आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने बबलू यादव के साथ मिलकर सोनम को ज़हर देकर मार डाला। उन्होंने बताया कि जब उन्हें सोनम की मौत की सूचना मिली तो वे तुरंत केवटा गांव पहुंचे, लेकिन वहां बबलू भड़क उठा और मारपीट पर उतर आया। स्थिति को देख पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही बबलू सहित पूरा परिवार घर छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस की प्रारंभिक प्रतिक्रिया
इस मामले में दलसिंहसराय के डीएसपी विवेक शर्मा ने बताया कि यह मामला फिलहाल संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेज दिया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी। अभी तक पीड़िता के परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
न्याय की राह और सामाजिक सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों को उजागर किया है। एक प्रेम विवाह करने वाली महिला को अंततः उसी सामाजिक ढांचे ने निगल लिया, जिससे वह भागकर बाहर आई थी। सोनम की मौत केवल एक परिवार का दुख नहीं है, यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि जब तक महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। समस्तीपुर की यह घटना एक ओर जहां प्रेम विवाह की विफलता को दिखाती है, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट करती है कि आज भी हमारे समाज में दहेज, जातीय भेदभाव और महिला उत्पीड़न गहरे तक जड़ें जमाए हुए हैं। अब यह जरूरी है कि कानून सख्ती से लागू हो, दोषियों को सज़ा मिले और समाज में महिलाओं के अधिकारों को लेकर जागरूकता फैले। सोनम की मौत को केवल एक आंकड़ा न बनाकर, न्याय की एक मजबूत पुकार बनाना समय की मांग है।

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