बिहार: एसटीईटी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने की खबरों पर परीक्षार्थियों का हंगामा-लाठीचार्ज, कई जगहों पर परीक्षा रद

पटना। बिहार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी-2019) की पहली पाली की परीक्षा मंगलवार की सुबह अपने निर्धारित समय 10 बजे से शुरू हुई और दोपहर 12.30 बजे खत्म हुई। परीक्षा दो पालियों में चली। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 02 बजे से शुरू हुई, जो शाम 4.30 बजे तक चली। पहली पाली की परीक्षा में कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया तो वहीं मुजफ्फरपुर के एक केंद्र पर पहली पाली की परीक्षा रद कर दी गई। गोपालगंज जिले के महेंद्र कॉलेज सेंटर में परीक्षार्थियों के हंगामे के बाद दूसरी पाली की परीक्षा स्थगित कर दी गई। प्रश्न पत्र लीक होने की खबरों के बाद परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा मचाया, जिसके बाद जिलाधिकारी ने परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की।

मिली जानकारी के अनुसार औरंगाबाद जिले में एसटीईटी परीक्षा के दौरान सिन्हा कॉलेज में आये परीक्षार्थियों ने प्रश्न पत्र लीक हो जाने को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र कॉलेज प्रशासन द्वारा लीक कर दिया गया है, इसलिए परीक्षा में शामिल नहीं होंगे। सूचना मिलते ही एसडीओ डॉ. प्रदीप कुमार, एएसपी अभियान राजेश कुमार, एसडीपीओ अनूप कुमार दल-बल के साथ सिन्हा कॉलेज पहुंचे और लीक हुए प्रश्न पत्र का मिलान किया। प्रश्न पत्र का मिलान किये जाने के बाद पाया गया कि किसी तरह का कोई भी प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ है। यह महज अफवाह है। काफी देर तक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था. इसके बाद पुलिस ने छात्रों के प्रदर्शन को उग्र होता देख लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस के लाठीचार्ज करने से कॉलेज परिसर में भगदड़ मच गयी। वहीं, हंगामा कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। उसके बाद करीब दो घंटे बाद परीक्षा शुरू हुई। इधर, सहरसा में एसटीईटी परीक्षा में ओएमआर शीट की कमी के कारण छात्राओं ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया है।
बता दें एसटीईटी परीक्षा में राज्यभर से दो लाख 47 हजार 241 परीक्षार्थी शामिल हुए। इसके लिए बिहार बोर्ड ने राज्यभर में 317 परीक्षा केंद्र बनाए थे। दो पाली में आयोजित एसटीईटी परीक्षा की प्रथम पाली में एक लाख 81 हजार 738 जबकि दूसरी पाली में 65 हजार 503 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में 200 मीटर तथा शहरी क्षेत्रों में 100 मीटर की परिधि में इसे प्रभावी रूप से लागू किया गया था। केंद्रों के आसपास फोटो स्टेट केंद्र व दुकानें परीक्षा के दौरान बंद रहीं।

परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि सेंटर पर बिना सील प्रश्नपत्र आया
विभिन्न जिलों से मिली जानकारी के अनुसार एलपी शाही इंटरमीडिएट महाविद्यालय, पताही पर हंगामे को देखते हुए पहली पाली की परीक्षा रद कर दी गई है। हंगामा करते हुए परीक्षार्थी प्रश्नपत्र लेकर केंद्र से बाहर निकल गए। कई अपने साथ लेते गए। इधर, राधाकृष्ण केडिया सेंटर पर भी हंगामा हुआ। लेकिन पुलिस ने तत्काल उस पर काबू पा लिया। एलपी शाही इंटरमीडिएट महाविद्यालय के परीक्षा केंद्र पर सुबह से ही दूर-दूर से परीक्षार्थी पहुंचे। परीक्षा 10 बजे शुरू हुई, लेकिन साढ़े 10 बजे तक बहुत से परीक्षार्थियों को बैठने की जगह नहीं मिली। जब बैठने की कोई व्यवस्था नहीं हुई तो हंगामा शुरू हो गया। एसडीओ पूर्वी कुंदन कुमार ने पहुंचकर हंगामा शांत कराया। उसके बाद केंद्राधीक्षक ने सूचना चस्पा कर दिया कि पहली पाली की परीक्षा रद कर दी गई है। परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि सेंटर पर बिना सील प्रश्नपत्र आया, जिसका वितरण किया गया। अंग्रेजी के परीक्षार्थियों के बैठने के लिए कमरे का निर्धारण नहीं किया गया था। बहुत गड़बड़ी की जा रही है। इस सेंटर पर केवल महिला परीक्षार्थी शामिल हो रही हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ. विमल ठाकुर ने बताया कि एलपी शाही परीक्षा केंद्र के केंद्राधीक्षक से इस संबंध में रिपोर्ट ली जा रही है। वहां पहली पाली की परीक्षा स्थगित की गई है।


कई केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने किया हंगामा, रोने लगीं छात्राएं
पहली पाली की परीक्षा में आरा-शेखपुरा जिले के परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान छात्राएं रोने लगीं। जहां नवादा थाना क्षेत्र के हित नारायण क्षत्रिय उच्च विद्यालय के परीक्षाकेंद्र में एसटीईटी से वंचित परीक्षार्थियों ने परीक्षा शुरू होने से पहले जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि समय से पहुंचने के बाद भी उन्हें सेंटर के अंदर नहीं जाने दिया गया, जिससे दर्जनों परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित रह गए। परीक्षार्थी इसके लिए परीक्षा सेंटर के प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं। महिला परीक्षार्थी रो-रो कर हंगामा की। वहीं, शेखपुरा में सड़क जाम की वजह से शिक्षक पात्रता परीक्षा में 9:30 बजे की जगह 9:40 में एक दर्जन से अधिक छात्राएं घटना शहर के मुरलीधर मुरारका हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पहुंची। इसकी वजह से नाराज वहां के पदाधिकारी के द्वारा छात्राओं को जहां कैंपस से बाहर कर दिया गया। मौके पर परीक्षार्थी कविता कुमारी, रेशमा भारती, नेहा कुमारी ने बताया कि शहर के प्रवेश स्थल पर जाम लगे होने से वे लोग पैदल आ रही थी, जिसके वजह से 10 मिनट विलंब हो गया और बहुत मिन्नतें करने के बाद भी पदाधिकारी के द्वारा परीक्षा में शामिल होने नहीं दिया गया। इतना ही नहीं दुर्व्यवहार कर परीक्षा केंद्र से भगा दिया गया। छात्राओं ने कहा कि इस वजह से उनके कैरियर पर प्रश्न चिन्ह लग गया है।

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