मंजिल को प्राप्त करने के लिए नवीन शिक्षा नीति को अपनाना जरूरी : एस. शफी मशहदी
फुलवारी शरीफ। सोमवार को फुलवारी शरीफ स्थित इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग बीएड कॉलेज में नवीन शिक्षा नीति पर दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार का उद्घाटन उर्दू एडवायजरी कमेटी के चेयरमैन एस. शफी मशहदी, स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन बिहार सरकार की कमिश्नर सीमा त्रिपाठी, बिहार हज कमेटी के कार्यपालक पदाधिकारी हाजी राशिद हुसैन व इस्लामिया एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन हाजी खुर्शीद हसन, तक्षशिला कॉलेज के निदेशक इकबाल अहसन, फिरोज हसन एवं इफ्तेखार अहमद नेजामी ने संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्वलित कर किया। सेमिनार में नई शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रावधन एवं चुनौतियों पर चर्चा की गई। इस मौके पर मशहदी ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि छात्रों को अत्याधुनिक शिक्षा नीति को अपनाकर ही अपनी मंजिल को हासिल किया जा सकता है। आज के अत्याधुनिक समाज के हर क्षेत्र में नई तकनीक का ईजाद हुआ है। इसी तरह शिक्षा के क्षेत्र में भी कई नई तकनीक आई है। छात्रों को नई तकनीक की बारिकियों को समझने और उसे ग्रहण करने की जरूरत है। संस्थान के निदेशक हाजी खुर्शीद हसन ने कहा कि नई शिक्षा नीति में तकनीक व सदगुण दोनों का समावेश है। इसका लक्ष्य जीवन को अर्थपूर्ण बनाते हुए राष्ट्र को मजबूत करना है। भारत में एक हजार से ज्यादा विश्वविद्यालय, 46 हजार डिग्री कॉलेज, 15 लाख स्कूल, एक करोड़ से अधिक शिक्षक और 35 करोड़ छात्रा है, जो अमेरिका की जनसंख्या से भी ज्यादा है। हमारे युवा पीढ़ी पर बहुत कुछ निर्भर है। सरकार के मेक इन इंडिया और स्टार्ट-अप इंडिया अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास देश को शीर्ष स्थान पर ले जाएगा। हाजी राशिद हुसैन ने अत्याध्ुनिक शिक्षा के साथ लड़कियों की शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार लड़कियों की शिक्षा के लिए कई योजनाएं चला रही है। बिहार सरकार का अल्पसंख्यक विभाग हज भवन में लड़कियों के लिए आवासीय कोचिंग के साथ कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है।
इससे पूर्व शोध पत्रिका का लोकार्पण किया गया। सहायक प्रोफेसर रंजना और रिजवान खान द्वारा बनाई गई इस्लामिया ग्रुप आॅफ एजुकेशन का सफरनामा डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। इसके अलावा ‘पढ़ाई और शोध एक साथ कर पाएंगे इस्लामिया के छात्रा’सेमिनार के दौरान इस्लामिया टीचर्स ट्रेनिंग बीएड कॉलेज में शिक्षा शोध केन्द्र का उद्घाटन संस्थान के निदेशक हाजी खुर्शीद हसन के हाथों हुआ। शोध केन्द्र के उद्घाटन पर निदेशक ने बताया कि इसका मकसद शिक्षा की गुणवत्ता और मानक में सुधार करना है। इसके द्वारा समय-समय पर सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन होगा और विद्वानों के द्वारा उचित मार्गदर्शन और दिशा निर्देशन प्रदान किया जाएगा।
इस मौके पर आरके अरूण, डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. सविता सिन्हा, इम्तियाज अली खान, डॉ. मंजूला, नसीम अहमद, नजमुल हसन, नाहीदा जमाल समेत छात्रा एवं छात्राएं मौजूद रहे।


