हाजीपुर सीट गंवाने के बाद रालोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक आज, बड़ा फैसला लेने की तैयारी में पारस
पटना। लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर बिहार में एनडीए में सीट शेयरिंग का मामला लगभग फाइनल हो गया है। तय फार्मूला के अनुसार चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास को पांच सीटें मिली हैं जबकि उनके चाचा पशुपति पारस की आरएलजेपी को कोई स्थान नहीं मिला। रामविलास पासवान की पारंपरिक हाजीपुर सीट को भी चिराग के खाते में डाल दिया दिया है। पशुपति कुमार पारस को इसके बदले में अलग ऑफर दिया गया है। भाजपा के फैसले से पशुपति पारस कैंप में हलचल मच गई है। बताया जा रहा है कि पारस की पार्टी कोई कड़ा फैसला लेने के मूड में है। गुरुवार को अपनी पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई है। पारस नरेंद्र मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हैं। आरएलजेपी की संसदीय बोर्ड की बैठक में पार्टी के सभी सांसद महबूब अली कैसर, चंदन सिंह और प्रिंस पासवान शामिल हैं। लोकसभा चुनाव में कोई सीट नहीं मिलने से पारस खेमे में नाराजगी की खबरें आ रही हैं। कहा जा रहा कि इसे लेकर कोई बड़ा फैसला पारस ले सकते हैं। बुधवार को सीट शेयरिंग की सूचना आने के साथ ही पशुपति पारस की रालोजपा में बैठक शुरू हो गई। कहा जा रहा है कि आज कुछ खास होने वाला है क्योंकि पारस ने हाजीपुर लोकसभा सीट को अपनी नाक का सवाल बना लिया था। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। लोकसभा चुनाव में एनडीए के सभी दल साथ मिलकर लड़ेगें। सीटों की बात करें तो बीजेपी खुद 17 सीटों पर लड़ेगी। नीतीश कुमार की जेडीयू को 16, चिराग पासवान की पार्टी को 5 और उपेंद्र कुशवाहा तथा जीतनराम मांझी को एक-एक सीट दी गई है। एनडीए के मंत्री पशुपति कुमार पारस को अलग ऑफर दिया गया है। उन्हें राज्यसभा भेजा जाएगा या राज्यपाल बनाया जाएगा। उनके भतीजे और समस्तीपुर के सांसद प्रिंस पासवान को बिहार सरकार में मंत्री बनाया जाएगा। इस ऑफर पर आरएलजेपी ने आधिकारिक तौर पर हामी नहीं भरी है।


