सीएए-एनसीआर का विरोध: वामदलों के मानव श्रृंखला में छात्र से लेकर मजदूर तक हुए शामिल

पटना। बिहार में अब वाम दलों की ओर से मानव श्रृंखला बनाई गई। यह मानव श्रृंखला शनिवार को सीएए, एनसीआर व एनपीआर के विरोध में अपह्रान बाद पटना समेत बिहार के अन्य जिला मुख्यालयों में बनाई गई। पटना में दोपहर 1.30 बजे से 2.30 बजे तक स्थानीय बुद्ध पार्क से गांधी मैदान तक मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया। जिसमें सीपीआईएम के पोलित ब्यूरो सदस्य कामरेड सुभाषिनी अली, राज्य सचिव मंडल सदस्य अरुण कुमार मिश्र, सर्वोदय शर्मा, मनोज कुमार चंद्रवंशी, भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल, धीरेंद्र झा, सीपीआई के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह, रामलला सिंह, विश्वजीत कुमार के अलावा हम, रालोसपा पार्टी के नेताओं सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। वामदलों ने बिहार में मानव श्रृंखला निर्माण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बिहार की जनता को बधाई देते हुए केंद्र सरकार द्वारा पारित काले कानून के खिलाफ प्रतिरोध तेज करने का आह्वान किया, साथ ही 30 जनवरी को सभी जिला मुख्यालय पर सत्याग्रह करने का अपील किया।


इधर, वामदलों की ओर से आयोजित मानव श्रृंखला में छात्र-नौजवान, अल्पसंख्यक समुदाय, मजदूर-किसान व महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। वामदलों की इस मानव श्रृंखला में शामिल होने के लिए इमारत-ए-शरिया ने भी बिहार के लोगों से अपील की थी। वाम नेताओं ने बताया कि आज जब देश के संविधान व नागरिकता पर खतरा है, हमें मजबूती से इसकी रक्षा के लिए सड़कों पर आंदोलन करना होगा। नेताओं ने बताया कि बिहार के करीब 56 हजार मजदूरों की नागरिकता असम में खत्म होने के कगार पर है, लेकिन नीतीश सरकार इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। वाम दलों ने बिहार सरकार से मांग की है कि सभी लोगों की नागरिकता की रक्षा की गारंटी की जानी चाहिए। आगामी विधानसभा सत्र में केरल की तर्ज पर सीएए, एनसीआर व एनपीआर के खिलाफ प्रस्ताव लिया जाना चाहिए। नेताओं ने बहुजन क्रांति मोर्चा द्वारा 29 जनवरी को आहुत भारत बंद का समर्थन करने की घोषणा की। जबकि 30 जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों पर एकदिवसीय सत्याग्रह किया जाएगा।

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