PATNA : जगनपुरा में मजदूर को लगा करंट, शव सड़क पर रख लोगों ने किया 4 घंटे बाईपास जाम
माले विधायक ने की 10 लाख मुआवजा की मांग

फुलवारी शरीफ। पटना के जगनपुरा में एक निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूर की मौत बगल से गुजर रहे हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से हो गयी। मजदूर की करंट लगने से मौत के बाद पुलिस ने शव को जबरन पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिससे गुसाई भीड़ और परिजनों ने लाश को पोस्टमार्टम के बाद जगनपुरा के सामने बाईपास पर रखकर चार घंटे तक जामकर उग्र प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की। वहीं माले विधायक गोपाल रविदास भी जाम स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाया और कई अधिकारियों को फटकार लगाई, तब मौके पर बिजली जेई पहुंचे और समझा-बुझाकर एवं मुआवजे का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराए।
लोगों ने बताया स्व. गिरधारी पासवान का बेटा जगनपुरा में एक गुप्ता जी के मकान में काम कर रहा था। मकान के बगल से हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित तार गुजर रहा है, जिसकी चपेट में आने से मजदूर ओम प्रकाश पासवान (35 वर्ष) आ गया। लोगों ने बिजली कटवा कर मजदूर को अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। विधायक गोपाल रविदास से मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि मजदूर को करंट लगने के बाद मकान मालिक भाग खड़ा हुआ, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। वहीं स्थानीय थाना पुलिस की ज्यादतियों की शिकायत की। विधायक से लोगों ने घनी आबादी से हाई वोल्टेज गुजर रहे तार को कवर करवाने या हटवाने की मांग भी की।

इधर, जगनपुरा के पास बाईपास सड़क जाम से काफी दूर तक वाहनों की कतार लग गयी। विधायक ने सरकार और खासकर बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी का इजहार किया। विधायक गोपाल रविदास ने कहा कि मजदूर की मौत बिजली विभाग की लापरवाही से हुई है। घनी आबादी वाले इलाके में नंगा बिजली तार गुजरा है, जिसे ढंकने की फुर्सत बिजली विभाग को नहीं है। बिजली विभाग केवल छापेमारी के नाम पर लोगों को परेशान करती है।
विधायक ने कहा कि सरकार के लापरवाह अधिकारी मजदूर के रोते-कलपते परिवार को सांत्वना देने और मुआवजा देने के बजाए सड़क पर लाश लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों की घंटों तक सुधि लेने नहीं पहुंचे, जो घोर निरंकुशता की बात है। वहीं सड़क जाम में कई शादी-ब्याह में जा रहे वाहनों में बाराती और दूल्हे राजा भी फंसे रहे लेकिन कोई जाम हटाने को तैयार नहीं था। मृतक की पत्नी, मां व तीन छोटे बच्चो का रो रोकर बुरा हाल हो रहा था। माले विधायक ने विलाप कर रहे परिजनों को ढाढस बंधाया।

