भागलपुर में गंगा के भंवर ने छीन ली मासूम की जिंदगी, स्नान के दौरान बच्चें की दर्दनाक मौत

  • दोस्तों के साथ नहाने गया था रुपेश, गहरे पानी में जाने से हुआ हादसा
  • लंबे खोज अभियान के बाद नदी से निकाला गया शव, पूरे गांव में पसरा मातम

भागलपुर। नवगछिया अनुमंडल के इस्माइलपुर थाना क्षेत्र स्थित भिट्ठा गांव में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। गंगा नदी में स्नान करने गए 11 वर्षीय बालक की डूबने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब बालक अपने दोस्तों के साथ नदी में नहा रहा था। खेल-खेल में वह गहरे पानी की ओर चला गया और तेज बहाव तथा भंवर की चपेट में आकर लापता हो गया। बाद में घंटों चले खोज अभियान के दौरान उसका शव बरामद किया गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव के लोग भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा नदी के कई घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं।
दोस्तों के साथ गया था स्नान करने
जानकारी के अनुसार मृतक बालक की पहचान भिट्ठा गांव निवासी विनोद हरिजन के पुत्र रुपेश कुमार के रूप में हुई है। बताया जाता है कि रुपेश प्रतिदिन की तरह गांव के अन्य बच्चों के साथ गंगा नदी के पुरानी दुर्गा स्थान घाट पर स्नान करने गया था। नदी किनारे पहुंचने के बाद सभी बच्चे पानी में खेलते हुए स्नान कर रहे थे। इसी दौरान रुपेश धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर बढ़ गया। नदी में बहाव सामान्य से अधिक होने के कारण वह अपना संतुलन नहीं संभाल सका और तेज धारा की चपेट में आ गया। कुछ ही क्षणों में वह बच्चों की नजरों से ओझल हो गया। साथ में मौजूद बच्चों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद बच्चों ने शोर मचाना शुरू किया और आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी दी।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी
बालक के नदी में लापता होने की खबर फैलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण गंगा घाट पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर नदी में बालक की तलाश शुरू की। कई लोगों ने नाव और स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक कोई सफलता नहीं मिली।
घाट पर मौजूद लोगों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी। हर कोई उम्मीद कर रहा था कि बालक सुरक्षित मिल जाएगा। लेकिन समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता और बढ़ती चली गई।
प्रशासन और बचाव दल ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। स्थानीय पुलिस और आपदा राहत बल की टीम को मौके पर भेजा गया। बचाव दल ने नदी में व्यापक खोज अभियान चलाया। प्रशिक्षित गोताखोरों ने कई घंटों तक नदी में तलाश की।लंबे प्रयासों के बाद गोताखोरों ने बालक को नदी से बाहर निकाला। हालांकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकीय जांच में भी बालक को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना की सभी परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रुपेश की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता और अन्य परिजन लगातार रोते-बिलखते रहे। पिता विनोद हरिजन ने नम आंखों से बताया कि उन्हें अंतिम समय तक उम्मीद थी कि उनका बेटा जीवित मिल जाएगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था गांव के लोगों ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। ग्रामीणों का कहना है कि रुपेश मिलनसार और चंचल स्वभाव का बालक था। उसकी असमय मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद गंगा नदी के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा घेराबंदी और प्रशिक्षित निगरानी कर्मियों की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने और बहाव तेज होने के कारण बच्चों को अकेले नदी में जाने से रोकना आवश्यक है। साथ ही अभिभावकों को भी बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
गांव में पसरा मातम
रुपेश कुमार की असामयिक मृत्यु ने पूरे भिट्ठा गांव को शोक में डुबो दिया है। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर ओर इस हादसे की चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि एक छोटी-सी असावधानी ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। यह घटना केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि नदियों और जलाशयों के आसपास सुरक्षा के प्रति अधिक सतर्कता बरतना समय की आवश्यकता है। प्रशासन और स्थानीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों से ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।

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