September 19, 2026

यूरिया का उपयोग ईंट-भट्ठा और शराब बनाने में हो रहा,जदयू सांसद अजय मंडल ने कहा

भागलपुर।डीएम प्रणव कुमार की अध्यक्षता में जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक में भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने कहा कि यूरिया ईंट-भट्ठा में, शराब के अलावा स्प्रिट बनाने और लोहा को गलाने के काम में लाया जाता है। इसके चलते सावधान रहने की जरूरत है, ताकि जिले के उर्वरक विक्रेताओं द्वारा कालाबाजारी कर अधिक मूल्यों पर बिक्री और मिलावट नहीं किया जा सके। उन्होंने कहा कि खरीफ मौसम के पीक सीजन में उर्वरक की कालाबाजारी की अधिक संभावना रहती है। इसे रोकने के लिए छापेमारी और सतत निगरानी की जरूरत है।
डीएम ने अधिक मूल्य पर उर्वरक की बिक्री और कालाबाजारी को रोकने के लिए गठित टीम द्वारा छापेमारी करने और दोषी पाये जाने कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम ने उर्वरक की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूना संग्रह कर जांच के लिए भेजने को कहा।
वहीं मौके पर मौजूद जिला कृषि पदाधिकारी केके झा द्वारा बताया गया कि खरीफ मौसम 2020-21 के लिए यूरिया का लक्ष्य 28 हजार टन है। इसमें से 9350.74 टन खाद उपलब्ध है। डीएपी का लक्ष्य 10 हजार टन है, जिसमें से 575 टन खाद उपलब्ध है। अन्य खाद के लक्ष्य और उपलब्धता की जानकारी दी गयी। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि मूल्य वृद्धि और कालाबाजारी को रोकने के लिए छापेमारी दल का गठन किया गया है।
रबी मौसम में कुल 83 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गयी जिसमें तीन प्रतिष्ठानों का लाइसेंस रद्द, 22 को निलंबित और 17 प्रतिष्ठानों से शोकॉज पूछा गया है। डीएम ने प्रखंडों में उर्वरक स्तरीय निगरानी समिति की बैठक कराने का निर्देश दिया। बैठक में सांसद अजय मंडल के अलावा जिला परिषद अध्यक्ष अनंत कुमार उर्फ टुनटुन साह, नाथनगर विधायक लक्ष्मीकांत मंडल, डीडीसी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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