बेगूसराय में गहरे गड्ढे में डूबने से दो युवकों की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया

  • शादी समारोह में जा रहे तीन युवक हादसे का हुए शिकार, एक युवक ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
  • प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, मुआवजे और गड्ढा भरने के आश्वासन के बाद शांत हुआ प्रदर्शन

बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। लाखो थाना क्षेत्र के अयोध्याबाड़ी स्थित रेलवे गुमटी संख्या-45 के पास पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और आक्रोशित ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को जाम कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कई घंटों तक सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मृतकों की पहचान शांतिनगर सूजा गांव निवासी संजीत तांती के 25 वर्षीय पुत्र बमबम कुमार तांती और लूझो तांती के 21 वर्षीय पुत्र रोशन कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर एक शादी समारोह में शामिल होने खातोपुर चौक जा रहे थे। इसी दौरान रात में अयोध्याबाड़ी रेलवे गुमटी के पास सामने से आ रहे वाहन की तेज रोशनी के कारण बाइक चालक का संतुलन बिगड़ गया और मोटरसाइकिल सड़क किनारे बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, बाइक चला रहे बमबम कुमार और बीच में बैठे रोशन कुमार ने लाल रंग के गमछे से अपनी कमर एक-दूसरे से बांध रखी थी। हादसे के दौरान यही उनके लिए जानलेवा साबित हुआ। दोनों युवक गहरे पानी में एक साथ फंस गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। वहीं पीछे बैठा तीसरा युवक किसी तरह पानी में मौजूद एक पेड़ की डाल पकड़कर ऊपर चढ़ गया और अपनी जान बचाने में सफल रहा। उसी युवक ने गांव पहुंचकर पूरे हादसे की जानकारी लोगों को दी। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और रात में ही दोनों युवकों की तलाश शुरू की गई। हालांकि अंधेरा और गहरे पानी के कारण रातभर खोजबीन में सफलता नहीं मिल सकी। गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला गया। शव मिलने के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव में शोक का माहौल बन गया। घटना से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना था कि सड़क किनारे बना यह गड्ढा लंबे समय से दुर्घटना का कारण बना हुआ है। बरसात और जलभराव के कारण यह गहरा तालाब बन चुका था, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने इसे भरवाने या सुरक्षा व्यवस्था करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने बताया कि इस स्थान पर पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने खातोपुर चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को जाम कर दिया और सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सड़क जाम होने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाखो थाना की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता देने और गड्ढे को जल्द भरवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गड्ढे को भर दिया गया होता तो दो युवकों की जान बचाई जा सकती थी। अब पूरे इलाके में इस घटना को लेकर दुख और आक्रोश दोनों का माहौल बना हुआ है।

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