बिहार में आंधी-बारिश का कहर जारी, कई जिलों में यलो अलर्ट से जनजीवन प्रभावित

  • पटना समेत कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और जलजमाव से बढ़ी परेशानी
  • खराब मौसम से हवाई सेवा और खेती पर असर, वज्रपात से दो लोगों की मौत

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। राज्य के विभिन्न जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने गुरुवार को राज्य के 24 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार इन जिलों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ वज्रपात की भी आशंका है। बीते 24 घंटों के दौरान राजधानी पटना समेत कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। पटना में देर रात करीब डेढ़ घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई जगह सड़कें धंस गईं और यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। राजधानी में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे मई महीने में लोगों को अचानक ठंड का एहसास हुआ। इसके अलावा बगहा, किशनगंज, अररिया, सुपौल और खगड़िया सहित कई जिलों में तेज बारिश और बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में राज्य में कुल 94.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य औसत 32.1 मिलीमीटर माना जाता है। इस प्रकार राज्य में सामान्य से लगभग 186 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बारिश और वज्रपात के कारण कई दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं। पूर्णिया में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि सुपौल में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा। पटना आने वाली इंडिगो की उड़ान संख्या 6E6497 लैंडिंग से पहले भयंकर वायुगति अस्थिरता की चपेट में आ गई। विमान में बैठे यात्रियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और कई यात्री भयभीत हो गए। खराब मौसम को देखते हुए पायलट ने विमान को पटना में उतारने के बजाय लखनऊ की ओर मोड़ दिया। बाद में विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। बताया गया कि इस विमान को केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी उड़ा रहे थे। सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब रही हैं, जबकि कटाई के बाद खुले में रखी गेहूं की फसल भीगकर खराब हो रही है। सब्जी उत्पादकों को विशेष नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि जलभराव के कारण फसल सड़ने लगी है। तेज हवा से आम और लीची जैसी फलों की फसल पर भी असर पड़ा है और कई स्थानों पर कच्चे फल गिर गए हैं। मौसम विभाग ने संभावना जताई है कि 10 मई से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके कारण मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक राज्य में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवा और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की संभावना है। राजधानी पटना में फिलहाल बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को बारिश की संभावना कम है, लेकिन उमस बनी रह सकती है। अधिकतम तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। लगातार बदलते मौसम ने जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर जलजमाव, फसल नुकसान और यातायात अव्यवस्था जैसी समस्याओं ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

You may have missed