कोसी नदी में दर्दनाक हादसा, तीन बच्चियों की डूबने से मौत, एक लापता
- सुपौल के गोपालपुर सिरे घाट पर नहाने गई थीं बच्चियां, तेज बहाव में फंसीं
- ग्रामीणों और आपदा मित्रों ने निकाले शव, लापता बच्ची की तलाश के लिए राहत अभियान जारी
सुपौल। बिहार के सुपौल जिले में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। सदर प्रखंड की गोपालपुर सिरे पंचायत के वार्ड संख्या दो में कोसी नदी में डूबने से तीन बच्चियों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची अब भी लापता है। यह घटना दोपहर करीब ढाई बजे की बताई जा रही है, जब सभी बच्चियां नदी में स्नान करने गई थीं। मृतक बच्चियों की पहचान गोपालपुर सिरे वार्ड दो निवासी ललित सादा की पुत्री नंदनी कुमारी (10 वर्ष), प्रमोद सादा की पुत्री सुनीता कुमारी (12 वर्ष) और स्वर्गीय पप्पू राम की पुत्री प्रियांशु कुमारी (12 वर्ष) के रूप में की गई है। वहीं बच्चेलाल सादा की 10 वर्षीय पुत्री राधिका कुमारी घटना के बाद से लापता है, जिसकी तलाश जारी है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, बच्चियां अपने घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित गोपालपुर सिरे घाट पर नहाने गई थीं। इस दौरान वे अनजाने में नदी के गहरे हिस्से में चली गईं और तेज बहाव की चपेट में आकर डूबने लगीं। घटना के समय वहां कोई वयस्क मौजूद नहीं था, जिससे समय पर सहायता नहीं मिल सकी। घटना की प्रत्यक्षदर्शी एक अन्य बच्ची बॉबी कुमारी ने बताया कि उसने अपनी सहेलियों को डूबते देखा तो तुरंत शोर मचाया और गांव जाकर परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया गया। कुछ ही देर में आपदा मित्र भी मौके पर पहुंच गए और खोजबीन तेज कर दी गई। काफी प्रयासों के बाद ग्रामीणों और आपदा मित्रों ने एक-एक कर तीनों बच्चियों के शव नदी से बाहर निकाले। इस दौरान पूरे गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं लापता बच्ची राधिका कुमारी की तलाश लगातार जारी है। प्रभारी अंचलाधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि लापता बच्ची की खोज के लिए गुरुवार सुबह राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम द्वारा विशेष राहत एवं बचाव अभियान चलाया जाएगा। प्रशासन ने नदी के आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है। यह घटना एक बार फिर नदी तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा की कमी और जागरूकता के अभाव को उजागर करती है। विशेषकर बच्चों के लिए नदी किनारे जाने के दौरान पर्याप्त निगरानी और सुरक्षा उपायों का होना अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और खतरनाक स्थानों पर चेतावनी संकेत लगाने की जरूरत है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि कोसी नदी के घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। साथ ही बच्चों को नदी में नहाने के दौरान सतर्क रहने और अकेले न जाने की सलाह देने की भी आवश्यकता है। फिलहाल प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी है और लापता बच्ची की खोज के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस दुखद घटना ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है और लोगों के बीच भय और चिंता का माहौल बना हुआ है।


