बिहार में भीषण गर्मी का प्रकोप, कई जिलों में पारा 42 डिग्री के करीब, लू का अलर्ट जारी

  • दक्षिण बिहार में गर्म पछुआ हवाओं से तापमान में बढ़ोतरी, 19 से 22 अप्रैल तक लू की आशंका
  • सीमांचल के कुछ जिलों में बारिश से आंशिक राहत, लेकिन अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क

पटना। बिहार में इन दिनों भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को राज्य के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि कैमूर में अधिकतम तापमान 41.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा डेहरी, औरंगाबाद और गया जैसे जिलों में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा, जिससे लोगों को तीखी गर्मी और लू जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। राजधानी पटना में भी शुक्रवार को तेज धूप के कारण तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया। सुबह से ही आसमान साफ रहा और सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ने के कारण गर्मी का प्रभाव और अधिक महसूस किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण और मध्य बिहार के जिलों में दोपहर के समय तापमान और अधिक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 19 से 22 अप्रैल के बीच कैमूर, औरंगाबाद, गया, रोहतास और बक्सर जिलों में लू चलने की संभावना है। इस दौरान तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है। इन जिलों में गर्म पछुआ हवाओं के कारण वातावरण और अधिक शुष्क हो जाएगा, जिससे लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि राज्य के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मौसम का थोड़ा अलग मिजाज देखने को मिला है। अररिया में शुक्रवार सुबह हल्की बारिश हुई, जिससे वहां के तापमान में कुछ कमी आई। आंधी के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने की भी सूचना है, जिससे कुछ क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने सुपौल, अररिया और किशनगंज में बारिश की संभावना जताई है, जिससे इन क्षेत्रों में अस्थायी राहत मिल सकती है। इसके बावजूद, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की संभावना कम है। विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बिहार में स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। पछुआ हवा के कारण वातावरण में नमी की कमी हो रही है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है। दक्षिण बिहार के जिलों जैसे पटना, गया, औरंगाबाद, कैमूर, रोहतास, बक्सर और नवादा में दोपहर के समय तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इस कारण इन क्षेत्रों में हीट वेव यानी लू जैसे हालात बन सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि इस दौरान गर्म हवाएं चलने की संभावना अधिक रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आसमान साफ रहने और बादलों की कमी के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पहुंच रही हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही पछुआ हवाएं इस स्थिति को और गंभीर बना रही हैं। फिलहाल बारिश या बादल छाने की कोई व्यापक संभावना नहीं है, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस भीषण गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। लोग दिन के समय घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं और आवश्यक कार्यों को सुबह या शाम के समय पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप से बचने की सलाह दी है। बिहार में गर्मी का प्रकोप आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। जहां एक ओर सीमांचल के कुछ जिलों में हल्की बारिश राहत दे रही है, वहीं राज्य के अधिकांश हिस्सों में लू और अत्यधिक तापमान लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।

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