सम्राट चौधरी आज लेंगे बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ, एनडीए की नई सरकार का आगाज़

  • नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सत्ता परिवर्तन, भाजपा के नेतृत्व में पहली सरकार
  • विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव उपमुख्यमंत्री बनेंगे, शपथ से पहले हनुमान मंदिर में पूजा

पटना। बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। वरिष्ठ भाजपा नेता सम्राट चौधरी आज राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। राजधानी पटना स्थित लोकभवन के जर्मन हैंगर में सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस समारोह के साथ ही राज्य में भाजपा के नेतृत्व वाली पहली सरकार का औपचारिक गठन हो जाएगा। सम्राट चौधरी के साथ जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक विजय चौधरी और वरिष्ठ नेता बिजेंद्र यादव उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। तीनों नेता शपथ ग्रहण से पहले राजभवन पहुंच चुके हैं। समारोह को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं और सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। सम्राट चौधरी की सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से बढ़ाया गया है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी ने धार्मिक आस्था का परिचय देते हुए पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे अपने आवास से राजभवन के लिए रवाना हुए। उनके समर्थकों में इस मौके को लेकर उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। राजनीतिक घटनाक्रम के अनुसार, यह परिवर्तन उस समय संभव हुआ जब लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सदस्य हैं और उन्होंने लगभग दो दशकों तक राज्य की सत्ता संभाली। उनके इस्तीफे के बाद राज्य की राजनीति में नए समीकरण बने और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोग से सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने पार्टी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें काम करने का अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे करीब 30 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं और इस दौरान उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नीतीश कुमार के साथ काम करते हुए उन्हें प्रशासन और शासन की कई महत्वपूर्ण बातें सीखने का अवसर मिला। सम्राट चौधरी ने अपने बयान में कहा कि नीतीश कुमार ने जिस समृद्ध बिहार का सपना देखा था, उसे साकार करने की दिशा में वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य राज्य के विकास को नई गति देना और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी इस राजनीतिक बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पांच दलों का गठबंधन है और सभी दल मिलकर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बना रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दल की सरकार नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास का परिणाम है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार में यह सत्ता परिवर्तन आने वाले समय में राज्य की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने से नीतियों और प्रशासनिक प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल सकता है। समारोह में कई वरिष्ठ नेताओं और गणमान्य व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है। पूरे राज्य की निगाहें इस शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, क्योंकि यह न केवल सत्ता परिवर्तन का प्रतीक है, बल्कि बिहार की राजनीतिक दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत भी है।

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