पटना में सम्राट चौधरी की पहली कैबिनेट बैठक आज, होंगे कई बड़े फैसले
- दिल्ली दौरे के बाद पटना लौटेंगे मुख्यमंत्री, विकास और रणनीति पर होगी चर्चा
- मई में मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत, विभिन्न दलों से संभावित नामों पर मंथन तेज
पटना। बिहार की नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज अपनी पहली मंत्रिपरिषद बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक शाम छह बजे आयोजित की जाएगी, जिसमें सरकार की आगामी रणनीति और कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री दोपहर में दिल्ली से पटना लौटेंगे और इसके तुरंत बाद बैठक में शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में राज्य के विकास, जनकल्याण योजनाओं और प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए जा सकते हैं, जो नई सरकार की कार्यशैली और दिशा तय करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद उन्होंने सामाजिक माध्यम पर लिखा कि राज्य के समग्र विकास और जनहित के मुद्दों पर उन्हें मार्गदर्शन मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार का सहयोग बिहार के विकास को नई गति देगा। दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय भी पहुंचे, जहां उन्होंने संगठन के नेताओं से बातचीत की। इससे पहले वे भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में भी गए, जहां नितिन नवीन से उनकी संक्षिप्त मुलाकात हुई। माना जा रहा है कि इसी बैठक में मंत्रिमंडल के संभावित नामों पर अंतिम सहमति बनी। इधर, राज्य सरकार आर्थिक चुनौतियों का भी सामना कर रही है। इन परिस्थितियों से निपटने के लिए सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक से जून तक 12 हजार करोड़ रुपये के ऋण की मांग की है। जानकारी के अनुसार, इस राशि में से करीब 4 हजार करोड़ रुपये अप्रैल के अंत तक मिलने की उम्मीद है। इस धनराशि का उपयोग पेंशन भुगतान, विकास योजनाओं और अन्य लंबित कार्यों के लिए किया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि मई महीने में बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है। पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रारंभिक संकेतों के अनुसार, कुछ बदलावों के साथ अधिकांश पुराने चेहरों को ही मंत्रिमंडल में बनाए रखा जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से जिन नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है, उनमें श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, जमा खान और सुनील कुमार शामिल हैं। इन नेताओं को उनके अनुभव और संगठनात्मक भूमिका के आधार पर जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के कोटे से भी कई नाम चर्चा में हैं। इनमें विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद और संजय सिंह टाइगर जैसे नाम शामिल हैं। पार्टी अनुभवी नेताओं के साथ कुछ नए चेहरों को भी अवसर देने की रणनीति पर काम कर रही है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना है। इनमें हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से संतोष कुमार सुमन, लोक जनशक्ति पार्टी से संजय पासवान और संजय कुमार सिंह तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से दीपक प्रकाश के नामों की चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहली मंत्रिपरिषद बैठक और आगामी मंत्रिमंडल विस्तार बिहार की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार किस दिशा में आगे बढ़ती है और किन फैसलों के जरिए राज्य के विकास को गति देती है।


