ईरान के राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर क्रैश में निधन; विदेश मंत्री समेत 9 की मौत, सरकार की पुष्टि बाकी

नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का हेलिकॉप्टर क्रैश में निधन हो गया है। ईरान की स्टेट न्यूज एजेंसी IRNA ने इसकी घोषणा की। हालांकि, ईरान की सरकार ने अब तक इसकी पुष्टि नहीं की है। देश में मेडिकल असिस्टेंस देने वाली रेड क्रिसेंट ने कहा कि हादसे में किसी के भी बचे होने की संभावना नहीं है। रईसी के साथ हेलिकॉप्टर में मौजूद विदेश मंत्री होसैन अमीराब्दुल्लाहियन की भी मौत की जानकारी दी गई है। इससे पहले उनके हेलिकॉप्टर का मलबा अजरबैजान की पहाड़ियों में मिल था। इसमें राष्ट्रपति रईसी समेत 9 लोग सवार थे। हेलिकॉप्टर रविवार शाम करीब 7.00 बजे अजरबैजान के पास लापता हो गया था। रातभर से इसकी तलाश की जा रही थी। इलाके में भारी बारिश, कोहरा और ठंड की वजह से सर्चिंग में दिक्कतें आईं। इस दौरान तीन बचावकर्मी भी गायब हो गए। राष्ट्रपति रईसी, विदेश मंत्री होसैन के अलावा हेलिकॉप्टर में पूर्वी अजरबैजान प्रांत के गवर्नर मलिक रहमती, तबरीज के इमाम मोहम्मद अली अलेहाशेम, एक पायलट, को-पायलट, क्रू चीफ, हेड ऑफ सिक्योरिटी और बॉडीगार्ड सवार थे। ईरान के स्टेट मीडिया IRNA के मुताबिक, रईसी 19 मई की सुबह अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ एक बांध का उद्घाटन करने गए थे। लौटने के दौरान अजरबैजान की सीमा के करीब ईरान के वरजेघन शहर में यह हादसा हुआ। अलजजीरा के मुताबिक, हेलिकॉप्टर क्रैश होने के बाद पूरी तरह से जल गया था। ईरानी अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान कई शव भी जलकर खाक हो गए, जिसकी वजह से उनकी पहचान नहीं हो पा रही है। सर्च ऑपरेशन में जुटे तुर्किये के एक ड्रोन को अजरबैजान की पहाड़ियों पर ताविल इलाके में जलती हुई एक जगह दिखी है। शक है कि यह ईरानी राष्ट्रपति रईसी के हेलिकॉप्टर का मलबा हो सकता है। हालांकि, हेलिकॉप्टर में सवार लोगों की हालत के बारे में अब भी पता नहीं चल सका है। IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, कोहरे, बारिश और ठंड की वजह से हेलिकॉप्टर के जरिए सर्च ऑपरेशन को अंजाम देना लगभग असंभव था। सड़क के रास्ते 20-40 टीमों को घटनास्थल की तरफ रवाना किया गया। इनमें ईरान की स्पेशल फोर्सेज IRGC के सदस्य समेत रेंजर्स शामिल थे। इनके पास छानबीन के लिए ड्रोन्स और सर्च डॉग्स भी मौजूद थे। रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए रूस ने 50 रेस्क्यू स्पेशलिस्ट और दो स्पेशल हेलिकॉप्टर भेजने की बात कही। रूस के अलावा आर्मेनिया, अजरबैजान, इराक, कतर, सऊदी अरब और तुर्की के साथ-साथ यूरोपीय कमिशन ने रईसी के हेलिकॉप्टर की तलाश के लिए सैटेलाइट मैपिंग एक्टिवेट कर दिया।

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