सुपौल में बस पड़ाव पर यात्री बस में भीषण आग, दमकल की देरी से भड़का लोगों का गुस्सा
- पटना से आई बस धू-धू कर जली, मौके पर अफरातफरी और दहशत का माहौल
- दमकल नहीं पहुंचने पर लोगों का हंगामा, थाना परिसर में तोड़फोड़
सुपौल। बिहार के सुपौल में उस समय अफरातफरी मच गई, जब बस पड़ाव पर खड़ी एक यात्री बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते मामूली धुआं विकराल आग में बदल गया और पूरी बस कुछ ही देर में जलकर राख हो गई। घटना ने इलाके में दहशत फैला दी और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पटना से आई देव ट्रेवल्स की बस सुबह से ही बस अड्डे पर खड़ी थी। शाम के समय अचानक बस के अंदर से धुआं उठता दिखाई दिया। शुरुआती समय में किसी ने ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई और बस को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। बस के अंदर मौजूद सीटों के गद्दे, पर्दे और अन्य ज्वलनशील सामग्री ने आग को और अधिक भड़का दिया। देखते ही देखते आग की लपटें ऊंची उठने लगीं और काले धुएं का घना गुबार दूर तक फैल गया। घटना स्थल पर मौजूद सैकड़ों लोगों के बावजूद कोई भी व्यक्ति आग की भयावहता के कारण बस के पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका। आसपास के दुकानदारों में भी दहशत फैल गई। कई लोगों ने अपने-अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की। इस बीच बिजली आपूर्ति बाधित होने से इलाके में अंधेरा छा गया, जिससे स्थिति और अधिक भयावह हो गई। घटना की सूचना तत्काल प्रशासन और अग्निशमन विभाग को दी गई, लेकिन आरोप है कि काफी देर तक दमकल की गाड़ियां मौके पर नहीं पहुंचीं। इस देरी ने स्थानीय लोगों के आक्रोश को भड़का दिया। गुस्साए लोग सीधे थाना पहुंच गए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब आक्रोशित भीड़ ने छातापुर थाना परिसर में खड़े एक वाहन को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ कर दी। इस घटना में वाहन को गंभीर क्षति पहुंची है। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 23 पंचायतों वाले इस प्रखंड में स्थायी अग्निशमन व्यवस्था का अभाव है, जो बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार आग लगने की घटनाओं में दमकल देर से पहुंचती है और तब तक भारी नुकसान हो चुका होता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी हो सकता है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और तत्परता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर अग्निशमन सेवा उपलब्ध न होने के कारण छोटी घटनाएं भी बड़े हादसों में बदल जाती हैं। फिलहाल राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन बस पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


