August 13, 2026

BIHAR : चिराग उड़ाएंगे हेलीकॉप्टर तो चाचा पारस चलाएंगे सिलाई मशीन

  • चुनाव आयोग ने आवंटित किया पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह

पटना। चुनाव आयोग ने चिराग पासवान को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) नाम से चुनाव चिन्ह ‘हेलीकॉप्टर’ आवंटित किया है। जबकि चाचा पशुपति कुमार पारस को ‘राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी’ नाम से ‘सिलाई मशीन’ चुनाव चिह्न आवंटित किया।
चुनाव आयोग ने लोजपा के चुनाव चिन्ह बंगला को बीते दिन फ्रीज कर दिया है। चिराग पासवान और पशुपति कुमार पारस दोनों खेमे इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। जिसके बाद मंगलवार को चुनाव आयोग ने चिराग पासवान को ‘लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)’ नाम और चुनाव चिन्ह ‘हेलीकॉप्टर’ आवंटित किया। जबकि केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस को ‘राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी’ नाम और ‘सिलाई मशीन’ चुनाव चिह्न आवंटित किया। चुनाव आयोग का यह फैसला काफी अहम है। यह ऐसे समय लिया गया है जब बिहार में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। दोनों सीटों पर 30 अक्टूबर को वोटिंग होनी है। इनमें मुंगेर की तारापुर और दरभंगा की कुशेश्वरस्थान सीट शामिल हैं।
तीन दशकों में अधिकांश समय केंद्र की सत्ता का हिस्सा रही लोजपा
गौरतलब है कि दिवंगत रामविलास पासवान पिछले तीन दशक में केंद्र की सत्ता में आए हर राजनीतिक गठबंधन में शामिल रहे और मंत्री बने। सियासी हवा का रुख भांपकर गठबंधन की बाजी चलने की यह काबिलियत ही है कि अपने अस्तित्व के करीब तीन दशकों में लोजपा अधिकांश समय केंद्र की सत्ता का हिस्सा रही है। रामविलास पहले जनता पार्टी से होते हुए जनता दल और उसके बाद जनता दूल यूनाइटेड का हिस्सा रहे, लेकिन जब बिहार की सियासत के हालात बदल गए तो उन्होंने 2000 में अपनी पार्टी बना ली। दलितों की राजनीति करने वाले रामविलास पासवान ने 1981 में दलित सेना संगठन की भी स्थापना की थी।
बेटे और भाई के बीच बंटी लोजपा
लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान के निधन के बाद लोजपा दो गुटों लोजपा (चिराग) और लोजपा (पारस) में विभक्त हो गई। रामविलास के भाई पशुपति कुमार पारस और बेटा चिराग पासवान के बीच तलवारें खिंची हुई हैं। दोनों पार्टी पर अपनी-अपनी दावेदारी पेश करते रहे हैं। इस बीच बीते दिनों चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को लोजपा का चुनाव का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी थी, जिस पर आज फैसला आया है।

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