मुंगेर गोलीकांड में पटना हाईकोर्ट का बड़ा आदेश : अब कोर्ट की निगरानी में होगी सीआईडी जांच, एसपी से लेकर थानेदार तक के ट्रांसफर का निर्देश

munger goli kand file photo

पटना। पिछले साल अक्टूबर में बिहार विधानसभा चुनाव की चरणवार वोटिंग की प्रक्रिया के बीच दुर्गा पूजा था। मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान मुंगेर में पुलिस फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई थी। उस वक्त मुंगेर जिला का कमान एसपी लिपि सिंह के हाथ में थी। मुंगेर गोलीकांड की गूंज चुनाव के दौरान में खूब गूंजी थी। मुंगेर जल उठा था। इसके बाद चुनाव आयोग ने तुरंत फैसला लेते हुए एसपी और डीएम को तत्काल हटा दिया था और जांच के आदेश दिए थे। उक्त जांच में बिहार सरकार की लापरवाही से नाराज पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि इस केस की जांच अब सीआईडी करेगी और उसकी मॉनिटरिंग हाईकोर्ट खुद करेगी। हाईकोर्ट ने बुधवार को बिहार सरकार के रवैये पर कड़ी टिप्पणी करने के साथ ही मुंगेर के मौजूदा एसपी, कोतवाली थानेदार के साथ-साथ गोलीकांड से जुड़े तमाम पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर तत्काल करने का निर्देश दिया है। वहीं हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुंगेर की पूर्व एसपी लिपि सिंह के मुसीबत में फंसने के आसार नजर आ रहे हैं। बता दें लिपि सिंह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह की बेटी हैं और वे वर्तमान में सहरसा की एसपी हैं।


वीभत्स तस्वीरें सामने आयी थी
मुंगेर गोलीकांड की वीभत्स तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया में सामने आयी थी। पुलिस के साथ कैसे कुछ सादे लिबास वाले गुंडे लोगों पर बर्बर तरीके से लाठियां बरसा रहे थे। मुंगेर गोलीकांड में 18 साल के युवक अनुराग पोद्दार की मौत हो गयी थी। चुनाव का समय था लिहाजा प्रशासन की कमान चुनाव आयोग के हाथ में थी। चुनाव आयोग ने लिपि सिंह का तत्काल ट्रांसफर कर आईएएस असंगवा चुआ आवो को इसकी जांच सौंपी थी, लेकिन जांच रिपोर्ट का अब तक कोई पता नहीं चल पाया। वहीं जब सूबे में फिर से नीतीश कुमार की सरकार बनी तो लिपि सिंह को सहरसा का एसपी बना कर पुरस्कृत कर दिया गया।
मृतक के पिता ने दायर की थी याचिका
पुलिस पिछले चार महीने से जांच की महज खानापूर्ति कर रही थी। इससे नाराज मृतक अनुराग पोद्दार के पिता अमरनाथ पोद्दार ने 6 जनवरी 2021 को पटना हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट दाखिल कर इंसाफ की गुहार लगायी थी। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद की बेंच ने बुधवार को दो बड़े आदेश दिये।
हाईकोर्ट ने सरकार को लगायी फटकार
पटना हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को जमकर फटकार लगायी। कोर्ट ने कहा कि जांच का दिखावा किया जा रहा है। कोर्ट ने आदेश दिया कि इस केस की जांच अब सीआईडी के अधिकारी करेंगे। इसके लिए 8 सदस्यों वाली एक एसआईटी गठित की गई है। सीआईडी के डीएसपी प्रमोद कुमार राय टीम का नेतृत्व करेंगे। पूरी जांच हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में होगी। इसके साथ ही एसआईटी की टीम को एक महीने में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने को भी कहा गया है।
मृतक के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा का आदेश
इधर, अमरनाथ पोद्दार के वकील मानस प्रसाद ने बताया है कि एडवोकेट जनरल के माध्यम से सीआईडी ने अपनी तरफ से 54 प्वाइंट कोर्ट को बताए हैं, जिन पर वह अपनी जांच करेगी। बताया कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये पाया कि गोलीकांड में अनुराग की कोई संलिप्तता नहीं थी, लेकिन पुलिस की गोली से उसकी मौत हुई। कोर्ट ने अनुराग के परिजनों को तत्काल 10 लाख रुपए का मुआवजा देने को कहा है। हालांकि अनुराग के पिता ने 5 करोड़ रुपए का मुआवजा मांगा था और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने को कहा था, लेकिन कोर्ट ने कहा कि फिलहाल सीआईडी से ही जांच करायी जायेगी। सीआईडी की रिपोर्ट देखने के बाद आगे फैसला लिया जायेगा। कोर्ट ने अनुराग पोद्दार के पिता को कहा कि अगर उन्हें जांच के दौरान किसी तरह की कोई जानकारी मिलती है तो वे कोर्ट को इसकी सूचना दे सकते हैं।

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