पटना के शिक्षकों के लिए आवास भत्ते पर बड़ा अपडेट, नगर निगम क्षेत्र में मिलेगा 20 फीसदी एचआरए
- मोकामा नगर परिषद में 10 फीसदी और कई नगर निकाय क्षेत्रों में 7.5 फीसदी की दर निर्धारित
- जुलाई 2026 की अनुपस्थिति विवरणी में संशोधित दर शामिल करने का निर्देश, स्वीकृति लंबित होने पर आदेश जारी
पटना। बिहार की राजधानी पटना में पदस्थापित शिक्षकों और जिले के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के लिए आवास भत्ते को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया गया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), पटना की ओर से जारी पत्र में शिक्षकों को उनके पदस्थापना क्षेत्र की श्रेणी के आधार पर संशोधित आवास भत्ता देने का निर्देश दिया गया है। इसका सीधा असर शिक्षकों के मासिक वेतन पर पड़ेगा। जिला शिक्षा कार्यालय ने आवास भत्ते की दर को अलग-अलग क्षेत्रों के लिए निर्धारित किया है। पटना नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत शिक्षकों को मूल वेतन का 20 प्रतिशत आवास भत्ता मिलेगा। वहीं मोकामा नगर परिषद क्षेत्र में यह दर 10 प्रतिशत तय की गई है। अन्य कई नगर निकाय क्षेत्रों के शिक्षकों के लिए 7.5 प्रतिशत की दर निर्धारित की गई है।
चार श्रेणियों में तय की गई आवास भत्ते की दर
जारी निर्देश के अनुसार शिक्षकों के आवास भत्ते को क्षेत्र की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। इनमें पटना नगर निगम क्षेत्र, वर्गीकृत शहर, अवर्गीकृत शहर और ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं। संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों के वेतन भुगतान के दौरान इन्हीं श्रेणियों के अनुसार आवास भत्ते की गणना करने को कहा गया है। पटना नगर निगम क्षेत्र में पदस्थापित शिक्षकों के लिए सबसे अधिक 20 प्रतिशत की दर लागू होगी। मोकामा नगर परिषद क्षेत्र के शिक्षकों को मूल वेतन का 10 प्रतिशत आवास भत्ता दिया जाएगा। वहीं मनरे, बिहटा, विक्रम, पालीगंज, नौबतपुर, मसौढ़ी, पुनपुन, फतुहा, खुशरूपुर, बाढ़ और बख्तियारपुर नगर निकायों को अवर्गीकृत क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है। इन क्षेत्रों में आवास भत्ते की दर 7.5 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
नगर निकाय से बाहर के विद्यालयों के लिए भी व्यवस्था
निर्देश में नगर निकाय क्षेत्र के बाहर स्थित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए भी आवास भत्ते की व्यवस्था स्पष्ट की गई है। अवर्गीकृत शहर से आठ किलोमीटर की परिधि में आने वाले विद्यालयों में पदस्थापित शिक्षकों को पांच प्रतिशत की दर से आवास भत्ता दिए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा पटना नगर निगम और मोकामा नगर परिषद की आठ किलोमीटर की परिधि में आने वाले विद्यालयों के शिक्षकों के लिए क्रमशः 20 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की दर लागू होगी। हालांकि इन मामलों में संबंधित कार्यालय से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करना जरूरी होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों को उनके वास्तविक पदस्थापना क्षेत्र के आधार पर निर्धारित आवास भत्ते का लाभ देना है। इससे उन शिक्षकों को राहत मिल सकती है, जिनके वेतन में अब तक सही दर से आवास भत्ता लागू नहीं हुआ था या जिनकी पदस्थापना के बाद भत्ते में संशोधन लंबित था।
जुलाई की अनुपस्थिति विवरणी में करना होगा संशोधन
जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को निर्देश दिया है कि जुलाई 2026 की अनुपस्थिति विवरणी में आवास भत्ते की संशोधित दर को शामिल किया जाए। वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेज तैयार करते समय शिक्षकों की पदस्थापना वाली जगह के अनुसार सही दर का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। यदि किसी विद्यालय के शिक्षकों के आवास भत्ते की स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल स्वीकृति प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र शिक्षकों को निर्धारित दर के अनुसार आवास भत्ते का भुगतान किया जा सके।
विद्यालय का नगर निकाय और वार्ड नंबर बताना जरूरी
निर्देश में विद्यालयों से संबंधित एक और महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। अनुपस्थिति विवरणी में संशोधन करते समय यह स्पष्ट करना होगा कि संबंधित विद्यालय किस नगर निकाय क्षेत्र में स्थित है। इसके साथ विद्यालय के वार्ड नंबर की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी। इससे विभाग को यह तय करने में आसानी होगी कि संबंधित शिक्षक के लिए कौन-सी आवास भत्ता दर लागू होगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस जानकारी को सही तरीके से उपलब्ध कराएं, ताकि वेतन भुगतान के दौरान किसी प्रकार की गलती न हो।
शिक्षकों के वेतन पर सीधे पड़ेगा असर
आवास भत्ता मूल वेतन के आधार पर निर्धारित होने के कारण इसकी दर में बदलाव का सीधा प्रभाव शिक्षकों की मासिक आय पर पड़ेगा। खासकर पटना नगर निगम क्षेत्र में काम करने वाले शिक्षकों के लिए 20 प्रतिशत की दर महत्वपूर्ण है। वहीं मोकामा और अन्य नगर निकायों में पदस्थापित शिक्षकों को उनके क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग दर का लाभ मिलेगा। जिला शिक्षा कार्यालय ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, प्रधानाध्यापकों और संबंधित विद्यालय अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। शिक्षकों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी पदस्थापना वाली जगह की श्रेणी, नगर निकाय और लागू आवास भत्ता दर की जानकारी विद्यालय या संबंधित प्रखंड शिक्षा कार्यालय से जांच लें। नए निर्देश के बाद अब विद्यालय स्तर पर वेतन संबंधी अभिलेखों में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। विभाग का जोर इस बात पर है कि शिक्षकों को उनके क्षेत्र के लिए निर्धारित आवास भत्ता सही दर से मिले और भुगतान प्रक्रिया में किसी तरह की विसंगति न रहे।


