पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर में बड़ी उपलब्धि, अंतिम यू-आकार गर्डर स्थापित

  • आईएसबीटी स्टेशन से डिपो को जोड़ने वाला ढांचा तैयार, सिविल निर्माण कार्य लगभग पूरा
  • अब पटरी बिछाने और विद्युतीकरण का कार्य तेज, यातायात बाधा से मिलेगी राहत

पटना। राजधानी पटना में निर्माणाधीन मेट्रो परियोजना के तहत प्राथमिक कॉरिडोर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है। मेट्रो प्रशासन ने आईएसबीटी स्टेशन और पटना डिपो को जोड़ने वाले अंतिम यू-आकार के गर्डर को सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। यह गर्डर पिलर संख्या 187 और 188 के बीच अप लाइन पर लगाया गया है। इस उपलब्धि के साथ ही प्राथमिक कॉरिडोर के सिविल निर्माण कार्य का एक बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है, जिसे परियोजना के लिए एक अहम चरण माना जा रहा है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, यू-आकार के गर्डरों की स्थापना किसी भी एलिवेटेड मेट्रो ट्रैक के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इन्हीं गर्डरों पर मेट्रो की पटरियां रखी जाती हैं, जिन पर ट्रेनें संचालित होती हैं। पटना मेट्रो परियोजना में यू-गर्डर लॉन्चिंग की शुरुआत 26 जनवरी 2023 को की गई थी। तब से अब तक कुल 328 यू-आकार के गर्डर स्थापित किए जा चुके हैं। अंतिम गर्डर की स्थापना के साथ ही इस कॉरिडोर के लिए सभी पूर्वनिर्मित संरचनात्मक अवयवों का कार्य भी पूर्ण हो गया है। इस उपलब्धि के बाद अब परियोजना अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है। आने वाले समय में मेट्रो ट्रैक बिछाने, सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित करने, ओवरहेड विद्युतीकरण तथा स्टेशनों से जुड़े फिनिशिंग कार्यों को तेजी से पूरा किया जाएगा। मेट्रो प्रशासन का लक्ष्य है कि इन कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर यात्रियों को जल्द से जल्द बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। यू-गर्डर लॉन्चिंग के दौरान कई स्थानों पर सुरक्षा कारणों से यातायात को अस्थायी रूप से मोड़ना पड़ता था। इससे आम नागरिकों को जाम और असुविधा का सामना करना पड़ता था। खासकर व्यस्त मार्गों पर यातायात डायवर्जन के कारण लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब इस महत्वपूर्ण कार्य के पूर्ण हो जाने के बाद शहरवासियों को ट्रैफिक जाम और डायवर्जन से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर में कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। इनमें आईएसबीटी, जीरो माइल, भूतनाथ रोड, खेमनीचक और मलाही पकड़ी स्टेशन प्रमुख हैं। फिलहाल आईएसबीटी से भूतनाथ रोड स्टेशन के बीच मेट्रो का आंशिक संचालन शुरू हो चुका है, जिससे यात्रियों को सुविधा मिल रही है। शेष हिस्सों में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि पटना मेट्रो परियोजना के पूरा होने से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा। इससे न केवल जाम की समस्या कम होगी, बल्कि लोगों को तेज, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन का विकल्प भी मिलेगा। इसके साथ ही शहर के विकास को भी नई गति मिलने की संभावना है। मेट्रो परियोजना के इस चरण की सफलता ने यह संकेत दिया है कि यदि कार्य इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो पटना जल्द ही आधुनिक परिवहन सुविधाओं से लैस शहरों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। फिलहाल मेट्रो प्रशासन और निर्माण एजेंसियां अगले चरण के कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए जुटी हुई हैं, ताकि नागरिकों को जल्द से जल्द इस सुविधा का पूरा लाभ मिल सके।

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