खान सर कोचिंग विवाद में नया मोड़, वायरल वीडियो ने बढ़ाए सवाल, जांच के घेरे में फायरिंग का दावा
- कोचिंग संस्थान पर हमले के बाद सामने आया वीडियो, हथियार चलाते दिखा एक व्यक्ति
- पुलिस कर रही वीडियो की सत्यता की जांच, फॉरेंसिक परीक्षण और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी
पटना। राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान में हुए हमले और तोड़फोड़ के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। घटना के कुछ दिनों बाद सामने आए एक वायरल वीडियो ने पूरे मामले को और अधिक चर्चाओं के केंद्र में ला दिया है। वीडियो में एक व्यक्ति हथियार तैयार करने के बाद गोली चलाने जैसी गतिविधि करता दिखाई दे रहा है। हालांकि अब तक पुलिस अथवा जिला प्रशासन की ओर से वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद वीडियो के सामने आने के बाद घटना से जुड़े कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार यह मामला 2 जून की रात का है, जब कुछ लोगों द्वारा कोचिंग संस्थान में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ किए जाने का आरोप लगाया गया था। उस समय कोचिंग परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठे थे। घटना के बाद संस्थान के संचालक खान सर ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग जबरन परिसर में घुस आए और वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी दावा किया था कि घटना के दौरान गोलीबारी हुई थी। इसी बीच लगभग 38 सेकंड का एक वीडियो सामाजिक माध्यमों पर तेजी से प्रसारित होने लगा। वीडियो में कोचिंग संस्थान के बाहर कुछ लोगों की मौजूदगी दिखाई देती है। इसी दौरान एक व्यक्ति हथियार को तैयार करता है और उसके बाद गोली चलाने जैसी गतिविधि करता हुआ नजर आता है। वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोगों का दावा है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति कोचिंग संस्थान से जुड़ा सुरक्षा कर्मी हो सकता है, जबकि कुछ लोग इसे पूरी तरह अफवाह बता रहे हैं। फिलहाल इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना के बाद दिए गए अपने शुरुआती बयान में खान सर ने गोलीबारी की बात कही थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने बयान में संशोधन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के समय माहौल अत्यंत तनावपूर्ण था और उन्हें जो जानकारी घायल सुरक्षा कर्मी से मिली थी, उसी आधार पर उन्होंने गोली चलने की बात कही थी। बाद में जब स्थिति की समीक्षा की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि गोलीबारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। दूसरी ओर पुलिस शुरू से ही गोलीबारी के दावे को लेकर सतर्क रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के संकेत मिले थे, लेकिन फायरिंग के कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले थे। यही कारण था कि पुलिस ने तत्काल गोली चलने की पुष्टि नहीं की थी। अब नए वीडियो के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां इसकी बारीकी से जांच कर रही हैं। इस मामले में पुलिस ने ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक और गौरव के रूप में की गई है। पुलिस का कहना है कि कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के पीछे साजिश की आशंका को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। गिरफ्तारी के बाद रौशन आनंद ने मीडिया से बातचीत में फायरिंग की बात से इनकार किया था। उनका कहना था कि घटना वाली रात कोई गोलीबारी नहीं हुई थी और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। पटना पुलिस अब वायरल वीडियो की तकनीकी जांच कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए वीडियो का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जा सकता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वीडियो वास्तविक है या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है। साथ ही घटनास्थल और आसपास लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। डिजिटल प्रमाण, वीडियो रिकॉर्डिंग, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल यह मामला पटना में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, क्योंकि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था और वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना का सच क्या है।


