उधमपुर में भीषण बस हादसा, खाई में पलटने से कई लोगों की मौत की आशंका

  • रामनगर से उधमपुर जा रही यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त, राहत और बचाव कार्य जारी
  • तेज रफ्तार और अधिक सवारियों को हादसे की वजह बताया जा रहा, घायलों का इलाज जारी

उधमपुर। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रामनगर क्षेत्र के कघोट (कानोटे) गांव के पास एक सार्वजनिक परिवहन बस के खाई में पलट जाने से भारी जनहानि की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 15 से 20 लोगों के मारे जाने की संभावना है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह बस रामनगर से उधमपुर की ओर जा रही थी। रास्ते में एक तीखे मोड़ पर चालक बस से नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। पुलिस, स्थानीय प्रशासन और अन्य आपातकालीन सेवाओं की टीमों ने मिलकर राहत और बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है, जहां उनका इलाज जारी है। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हवाई मार्ग से स्थानांतरित करने की भी तैयारी की जा रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने उधमपुर के उपायुक्त मिंगा शेरपा से बातचीत की और राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ बचाव अभियान चला रहा है और घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। घटना में घायल एक यात्री देस राज ने अस्पताल में इलाज के दौरान बताया कि बस बहुत तेज गति में चल रही थी। उसके अनुसार, एक मोड़ पर चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे यह हादसा हुआ। उसने यह भी बताया कि बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और कई लोग खड़े होकर यात्रा कर रहे थे, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिक तौर पर तेज रफ्तार और अधिक सवारियों को इस दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संकरी सड़कों और खतरनाक मोड़ों पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी होता है, लेकिन लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। वहीं प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। साथ ही घायलों के इलाज के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, ताकि उन्हें जल्द से जल्द बेहतर स्वास्थ्य लाभ मिल सके। फिलहाल बचाव अभियान जारी है और मृतकों तथा घायलों की सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है और लोग पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

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