August 28, 2026

BIHAR : ‘सरकार अगर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहती है तो शिक्षकों को दे सम्मान’

  • ‘शिक्षक संघर्ष में अतुलनीय योगदान के लिए 10 शिक्षक हुए उत्कृष्ट शिक्षक नेतृत्वकर्ता सम्मान से सम्मानित’

पटना। रविवार को टीईटी शिक्षक संघ के तत्वावधान में समाज में शिक्षकों के सम्मान की पुनर्स्थापना पर परिचर्चा व शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में मुख्य अतिथि आनन्द माधव, चेयरमैन, रिसर्च एवं मेनिफेस्टो कमिटी, बिहार कांग्रेस ने परिचर्चा में भाग लेते हुए सरकार की आलोचना की एवं कहा कि शिक्षकों को विभिन्न हथकंडे अपना कर सरकार अपमानित करने का काम कर रही है। सरकार अगर सही में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहती है तो शिक्षकों को पूरा मान-सम्मान एवं उचित वेतनमान व सुविधाएं देनी चाहिए।
इस दौरान श्री माधव ने पूरे बिहार के शिक्षक आंदोलन में उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाले 10 शिक्षकों धर्मेंद्र कुमार, राहुल देव सिंह, आनेन्दू कुमार आलोक, ओम प्रकाश, साकेत भारद्वाज, कुमार सौरभ, सुधीर कुमार, उदय शंकर सिंह, हिमांशु शेखर सिंह एवं कुमारी अंशु को उत्कृष्ट शिक्षक नेतृत्वकर्ता सम्मान से सम्मानित किया।
वहीं टीईटी शिक्षक संघ के प्रदेश संयोजक अमित विक्रम ने अपने संबोधन में शिक्षकों को चाणक्य का वंशज बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा, जिस प्रकार चाणक्य ने घनानंद के अहंकार को चूर किया, उसी प्रकार अगर बिहार के शिक्षक एकजुट हो जाएं तो वह अपने ऊपर होने वाले अन्याय को रोक सकते हैं, साथ ही साथ उन्होंने शिक्षकों से अपील की वह अपने प्राथमिक कर्तव्य को अच्छे से पूरा करें और विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें।
अध्यक्षीय संबोधन में आनंद मिश्रा ने टीईटी शिक्षकों को पूरे बिहार में एकजुट होकर संघर्ष करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की सम्मान की पुनर्स्थापना तभी होगी, जब शिक्षक अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे और साथ ही साथ अपने कर्तव्य पालन पर भी उचित ध्यान देंगे।

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