August 27, 2026

नेपाल की बाढ़ के बाद बिहार में बढ़ी सतर्कता, मुख्यमंत्री ने किया सीमावर्ती इलाकों का हवाई सर्वे

  • गंडक और कोसी नदी के जलस्तर पर विशेष नजर, आठ जिलों में एहतियाती व्यवस्था; राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल को उच्च सतर्कता पर रहने के निर्देश
  • रेलवे ने भी बढ़ाई निगरानी, पटरियों, पुलों और पुल-पुलियों की लगातार जांच; जरूरत पड़ने पर रोका जा सकता है ट्रेनों का परिचालन

पटना। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार में संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को नेपाल सीमा से सटे बिहार के कई इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। नेपाल से आने वाले पानी के कारण गंडक और कोसी समेत अन्य नदियों के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए आठ जिलों में विशेष एहतियात बरती जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हवाई सर्वेक्षण के बाद सामाजिक माध्यम एक्स के जरिए इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि नेपाल में आए सैलाब के मद्देनजर बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में संभावित बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया गया। इस दौरान बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी समेत नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों पर विशेष रूप से नजर रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई सर्वेक्षण के दौरान संभावित प्रभावों का आकलन करने के साथ आवश्यक एहतियाती उपायों, सुरक्षा व्यवस्था और राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मुख्य जोर बाढ़ प्रभावित होने की आशंका वाले इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाने पर है। नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति का सीधा असर बिहार की कई नदियों पर पड़ सकता है। नेपाल से निकलने वाली नदियों के कारण उत्तर बिहार के कई जिले हर वर्ष बाढ़ की चुनौती का सामना करते हैं। मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रशासन विशेष रूप से गंडक और कोसी नदी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका को देखते हुए निचले और नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों को उच्च सतर्कता पर रहने के निर्देश दिए हैं। आठ जिलों में प्रशासनिक स्तर पर विशेष एहतियाती व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और नदी के जलस्तर से लेकर मौसम की स्थिति तक हर गतिविधि पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि यदि किसी इलाके में पानी तेजी से बढ़ता है तो वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में देरी न हो। इसके लिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों के बीच समन्वय बढ़ाया गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन भी सतर्क हो गया है। समस्तीपुर रेल मंडल ने अपने क्षेत्र में रेल पटरियों, पुलों और पुल-पुलियों की निगरानी तेज कर दी है। बाढ़ का पानी बढ़ने की स्थिति में रेल मार्गों की सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्थान पर बाढ़ के पानी से रेल पटरी, पुल या किसी अन्य संरचना की सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका होती है तो संबंधित रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन तत्काल रोका या नियंत्रित किया जा सकता है। इसका उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना है। समस्तीपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक ज्योति प्रकाश मिश्रा ने पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के जिला प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। रेलवे कर्मचारियों को भी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में सतर्क रहने और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने को कहा गया है। नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार सरकार और प्रशासन की चिंता मुख्य रूप से सीमावर्ती और नदी तटवर्ती इलाकों को लेकर है। हालांकि अभी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन सरकार किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पहले से तैयारियां मजबूत कर रही है। फिलहाल मुख्यमंत्री के हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रशासनिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय और राज्य आपदा मोचन बल की तैयारियों से लेकर रेलवे की निगरानी व्यवस्था तक सभी विभागों को सतर्क कर दिया गया है। आने वाले समय में नेपाल से आने वाले पानी, नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर बिहार सरकार की विशेष नजर बनी रहेगी।

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