10 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों को रजिस्ट्रेशन से मुक्ति, सरकार का बड़ा फैसला

अमृतवर्षा ब्यूरो, पटना। बिहार के लाखों छोटे दुकानदारों, फुटकर व्यापारियों और लघु उद्यमियों के लिए नीतीश-सम्राट सरकार ने एक ऐतिहासिक और बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। राज्य में व्यापार-अनुकूल (बिजनेस फ्रेंडली) माहौल को मजबूत करने और इंस्पेक्टर राज से मुक्ति दिलाने की दिशा में सरकार ने श्रम कानूनों के तहत अनिवार्य पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के नियमों में बड़ा ढील दिया है। नए प्रावधान के अनुसार, अब सूबे में केवल उन्हीं दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। 10 से कम कर्मचारियों वाले सभी छोटे प्रतिष्ठानों को इस कानूनी प्रक्रिया और अनिवार्य रजिस्ट्रेशन से पूरी तरह छूट दे दी गई है।उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यापारियों को सरकारी लालफीताशाही से बचाना है। सरकार का मानना है कि इस कदम से छोटे दुकानदारों का न सिर्फ कीमती समय बचेगा, बल्कि वे अनावश्यक कागजी कार्रवाई, अनुपालन (Compliance) के बोझ और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से भी मुक्त होंगे। इससे सूक्ष्म एवं लघु स्तर पर व्यापार करने वाले लोग बिना किसी मानसिक दबाव के अपना कारोबार बढ़ा सकेंगे।

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