भोजपुर में बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, पिता-पुत्र की बेरहमी से पिटाई

  • लाठी-डंडों से हमला कर दोनों को किया घायल, अस्पताल में चल रहा इलाज
  • छह लोगों पर आरोप, पुलिस ने जांच शुरू कर सख्त कार्रवाई का दिया आश्वासन

भोजपुर। बिहार के भोजपुर जिले से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद में पड़ोसी पक्ष के लोगों ने एक पिता और उसके पुत्र पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति का उपचार जारी है। घटना बिहिया थाना क्षेत्र के बांधा गांव की है। घायल व्यक्तियों की पहचान 60 वर्षीय महेश राम और उनके 28 वर्षीय पुत्र पृथ्वीराज राम के रूप में की गई है। दोनों को मारपीट में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। घायल महेश राम ने बताया कि विवाद की शुरुआत बच्चों के बीच हुए एक छोटे से झगड़े से हुई थी। उनके अनुसार, घर के बच्चों और पड़ोस के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। शुरुआत में यह विवाद सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। महेश राम के अनुसार, पड़ोसी पक्ष के लोग अचानक आक्रामक हो गए और करीब छह लोगों ने मिलकर उन पर हमला कर दिया। इस दौरान जब शोर-शराबा सुनकर उनका पुत्र पृथ्वीराज राम बीच-बचाव करने पहुंचा, तो हमलावरों ने उसे भी निशाना बना लिया। आरोप है कि हमलावरों ने उसे भी बेरहमी से पीटा और गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह दोनों को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया और अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस मामले में पुलिस ने संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल पक्ष द्वारा छह लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया गया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी बताया कि फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विवाद किस कारण बढ़ा और किन परिस्थितियों में हिंसा हुई। यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह गंभीर और हिंसक रूप ले सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सामाजिक स्तर पर जागरूकता और आपसी संवाद की आवश्यकता है, ताकि मामूली विवाद को समय रहते सुलझाया जा सके। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं और दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे विवाद भविष्य में और बढ़ सकते हैं। भोजपुर की यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और छोटे विवादों के बड़े रूप लेने की प्रवृत्ति को उजागर करती है। अब सभी की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और इलाके में शांति बहाल हो सके।

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