गोपालगंज में प्रेम प्रसंग से उपजा विवाद, चाची और नाबालिग भतीजे ने खाया जहर

  • घरेलू कलह और सामाजिक दबाव के बीच दोनों ने आत्महत्या का प्रयास किया
  • समय पर इलाज से बची जान, पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक रिश्तों के बीच उपजे प्रेम प्रसंग ने गंभीर रूप ले लिया। भोरे थाना क्षेत्र के एक गांव में एक नाबालिग भतीजे और उसकी चाची ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। दोनों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, संबंधित महिला की शादी करीब चार महीने पहले हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद उसका पति काम के सिलसिले में पुणे चला गया। पति के बाहर रहने के दौरान महिला का अपने जेठ के नाबालिग बेटे के साथ संपर्क बढ़ा और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गया। बताया जाता है कि दोनों एक-दूसरे के प्रति भावनात्मक रूप से काफी जुड़ गए थे और साथ रहने की इच्छा जताने लगे थे। परिवार के लोगों के अनुसार, नाबालिग लड़का इस संबंध को लेकर अत्यधिक भावुक हो गया था। वह अपनी चाची को अपने चाचा के साथ देखना बर्दाश्त नहीं कर पाता था और अक्सर इसका विरोध करता था। एक बार उसने आत्महत्या का प्रयास भी किया था, हालांकि उस समय उसे बचा लिया गया था। बाद में जब इस पूरे मामले की जानकारी परिवार के अन्य सदस्यों, विशेषकर चाचा को हुई, तो घर में तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। बताया जा रहा है कि इस बात को लेकर पति और पत्नी के बीच भी विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर पति ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। इसी तनावपूर्ण माहौल में महिला ने जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की। महिला की हालत बिगड़ती देख नाबालिग भतीजा भी घबरा गया और उसने भी चूहा मारने वाली दवा खा ली। घटना के बाद घर में हड़कंप मच गया और परिजनों ने आनन-फानन में दोनों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने तुरंत इलाज शुरू किया। प्रारंभिक उपचार के बाद नाबालिग की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से दोनों की जान बच गई और अब उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। इस घटना ने इलाके में चर्चा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मामलों में परिवार और समाज के स्तर पर संवेदनशीलता और समझदारी की आवश्यकता होती है। वहीं इस घटना ने पारिवारिक संबंधों में बढ़ती जटिलताओं और सामाजिक दबावों को भी उजागर किया है। घटना के संबंध में परिजनों का कहना है कि मामला पूरी तरह घरेलू विवाद से जुड़ा है। वहीं नाबालिग ने चिकित्सकों के सामने दिए बयान में कहा कि वह अपनी चाची से प्रेम करता है और दोनों साथ रहना चाहते थे, लेकिन परिवार और समाज के दबाव के कारण यह संभव नहीं हो सका। उसने यह भी बताया कि परिवार में इस संबंध को लेकर विरोध और तनाव बढ़ता गया, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के बयान और चिकित्सीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही परिवार को भी परामर्श देने की बात कही जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि पारिवारिक और सामाजिक मुद्दों को समय रहते संवेदनशीलता के साथ सुलझाना जरूरी है। संवाद की कमी और तनावपूर्ण माहौल कई बार ऐसी गंभीर स्थितियों को जन्म दे देता है, जिससे पूरे परिवार को संकट का सामना करना पड़ता है।