February 21, 2026

DM की अध्यक्षता में टीबी फोरम की बैठक : पटना जिले में 14,523 हैं चिन्हित टीबी मरीज, उपचाराधीन मरीजों को अविलंब भुगतान का निर्देश

  • निश्चय पोषण योजना के तहत 5,127 मरीजों को हुआ भुगतान

पटना। जिला स्वास्थ्य विभाग और जिला यक्ष्मा विभाग 2025 तक टीबी उन्मूलन हेतु संकल्पित है। जिला की वस्तुस्थिति एवं उन्मूलन में आ रही चुनौतियों को जिलाधिकारी के संज्ञान में लाने के उद्देश्य से बुधवार को जिला टीबी फोरम की बैठक का आयोजन पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में जिलाधिकारी सभागार में संपन्न हुआ। बैठक में फोरम के सभी सदस्यों के अलावा पटना की सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अविनाश कुमार सिंह, मारूफगंज के जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. जेपी मंडल, स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. माला श्रीवास्तव, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. उमेश त्रिपाठी, बिहार टीबी एसोसिएशन के अध्यक्ष यूएन विद्यार्थी एवं जिला यक्ष्मा विभाग की डीपीसी प्रीति कुमारी सहित कई चिकित्सक एवं टीबी चैंपियन उपस्थित रहे।


हर महीने 500 रुपये पोषण राशि दिए जाने का प्रावधान
डीएम ने उपचाराधीन टीबी मरीजों को पोषण के रूप में दी जानी वाली सहायता राशि की वस्तुस्थिति की जानकारी ली और जिला में भुगतान की स्थिति की समीक्षा करते हुए अविलंब सभी उपचाराधीन टीबी मरीजों को पोषण के रूप में दी जानी वाली सहायता राशि के भुगतान के निर्देश दिए। डीएम के संज्ञान में लाया गया कि जिले में अभी चिन्हित टीबी मरीजों की संख्या 14,523 है, जिसमे 5,127 मरीजों को निश्चय पोषण योजना के तहत भुगतान किया जा चुका है और शेष मरीजों को जल्दी ही उनके खाते में राशि जमा करा दी जाएगी। ज्ञात हो की मरीजों के उपचार के दौरान सरकार द्वारा हर महीने 500 रुपये पोषण राशि के रूप में दिए जाने का प्रावधान है।
निजी चिकित्सकों को करना होगा टीबी मरीजों का सत्यापन
बैठक में डीएम के संज्ञान में लाया गया कि जिला के कई निजी चिकित्सक टीबी मरीजों का उपचार तो करते हैं लेकिन विवरण और जानकारी निश्चय पोर्टल पर अपलोड नहीं करते हैं, जो कि अनिवार्य है। इस पर डीएम ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि अविलंब निजी चिकित्सकों के साथ बैठक कर उन्हें उक्त कार्य करने हेतु निर्देश दें और उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित करें। डीएम ने कहा कि उक्त बैठक के उपरांत भी अगर निजी चिकित्सक आदेश की अवहेलना करते हैं तो उनपर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान डीएम ने टीबी से जंग जीत चुके टीबी चैंपियन का अनुभव जाना।
रोगी कल्याण समिति की बैठक में उपस्थिति जरुरी
जिलाधिकारी ने फोरम के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि रोगी कल्याण समिति की आयोजित होने वाली बैठकों में यक्ष्मा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नियमित रूप से शिरकत करें और जनप्रतिनिधियों को भी उसमे शामिल कर उन्हें टीबी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करें।

You may have missed