BIHAR : IMA के जांच में चौंकाने वाली जानकारी : डॉक्टरों को दिए गए पीपीई किट और मास्क की क्वालिटी पर सवाल हुआ खड़ा

Doctor injecting vaccination on asian child girl arm. The child girl wearing protection mask for protect air smog pollution with PM 2.5 and Covid-19 virus. Healthy and medical concept.

पटना। कोरोना काल में डॉक्टरों की हुई मौत की जांच में जुटी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) बिहार को चौंकाने वाली जानकारी हाथ लगी है। 8 सदस्यीय जांच टीम के सामेन अब तक जो मामला आया है उसमें सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को दिए गए पीपीई किट और मास्क की क्वालिटी पर सवाल खड़ा हुआ है। कोरोना ड्यूटी में लगे डॉक्टरों की लड़ाई पीपीई किट और मास्क से कमजोर हुई। आईएमए के अनुसार, जांच पूरी होने पर फाइनल रिपोर्ट जारी की जाएगी। अब तक की जांच में पीपीई किट, मास्क की क्वालिटी के साथ डॉक्टरों के मनमाने रवैया सामने आये हैं।’
सबसे अधिक बिहार में हुई मौत
देश में कोरोना से सबसे अधिक डॉक्टरों की मौत बिहार में हुई है। पहली और दूसरी लहर में मिलकर 70 से अधिक डॉक्टरों की मौत हुई है। आईएमए ने कहा कि कोविड-19 की दूसरी लहर डॉक्टरों पर भारी पड़ी है। पहली लहर में मौत कम हुई थी, लेकिन दूसरी लहर में संख्या तेजी से बढ़ गई। मौत का कारण तलाशने के लिए ही आईएमए ने एक जांच टीम बनाई। इस टीम के सदस्य कोरोना से मरने वाले डॉक्टरों की जांच में जुटे हैं। आईएमए के बिहार राज्य शाखा की पड़ताल अभी भी जारी है और एक-एक डॉक्टर की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
बिहार आईएमए के अध्यक्ष बोले, जांच जारी है
बिहार आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा है कि अब तक की जांच में मास्क, पीपीई किट की क्वालिटी, उम्रदराज डॉक्टरों की कोविड ड्यूटी लगाने आदि कारण सामने आ रहे हैं। जांच चल रही है। पूरी होने पर रिपोर्ट जारी की जाएगी। शुरूआती जांच में चौंकाने वाले मामले आ रहे हैं।
जांच टीम में ये हैं शामिल
डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह, चेयरमैन
डॉ. अजय कुमार, संयोजक
डॉ. (कैप्टन) वी.एस. सिंह, सदस्य
डॉ. मंजू गीता मिश्रा, सदस्य
डॉ. बसंत सिंह सदस्य
डॉ. डी.पी. सिंह, सदस्य
डॉ. राजीव रंजन, सदस्य
डॉ. सुनील कुमार, राज्य सचिव