February 16, 2026

रामविलास पासवान पंचतत्व में विलीन, मुखाग्नि देते वक्त गश खाकर गिरे चिराग, उमड़ा जनसैलाब, भारत रत्न देने की मांग

पटना। लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक, दलितों के मसीहा एवं केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान शनिवार शाम दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके बेटे व लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले अपने पिता को मुखाग्नि देते समय चिराग गश खाकर जमीन पर गिर पड़े। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत सभाला। इसके बाद लोगों ने सहारा देकर पूरी अंतिम क्रिया पूरी करवाई। अंतिम संस्कार पटना के दीघा स्थित जर्नादन घाट पर राजकीय सम्मान के साथ हुआ।
अंतिम दर्शन करने के लिए आतुर रहे लोग
इससे पहले रामविलास पासवान के पटना के बोरिंग रोड स्थित घर से अंतिम यात्रा निकाली गई। बेटे चिराग पासवान ने जैसे ही पिता को कंधा दिया, लोगों की आंखें डबडबा गई। रामविलास अमर रहें के नारे के साथ रामविलास पासवान के पार्थिव शरीर को सेना के वाहन पर रखा गया। उसे बाद शव यात्रा दीघा के लिए रवाना हुई। शव यात्रा में हजारों की संख्या में लोग रामविलास पासवान के अंतिम दर्शन करने के लिए आतुर दिखे। वहीं श्रीकृष्णपुरी आवास पर रोते हुए सगे संबंधियों के साथ पहुंची रामविलास पासवान की पहली पत्नी ने अपने पति का अंतिम दर्शन किया।


रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग
इधर, बिहार लोजपा के मीडिया प्रभारी कृष्णा सिंह कल्लू ने कहा कि आज के राजनीति में जिस तरह का काम हर मंत्रालय का दायित्व पासवान ने उठाया और एक उत्कृष्ट छाप अपने मंत्रालय में दी। देश के एक मात्र नेता, जिन्होंने 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया और साथ ही गिनीज बुक में सबसे अधिक मत से जितने का रिकॉर्ड भी कायम किया, ऐसे महान नेता को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। कल्लू देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया है कि रामविलास पासवान को देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार “भारत रत्न” से सम्मानित करें।


दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, गुरूवार रात्रि हुआ था निधन
गौरलब है कि गुरूवार की देर शाम चिराग पासवान ने अपने पिता रामविलास पासवान के निधन की खबर ट्विट कर दी थी। शुक्रवार को पासवान का पार्थिव शरीर दिल्ली में उनके 12 जनपथ वाले सरकारी घर पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था। वहां राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पासवान को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। इसके बाद शुक्रवार शाम लगभग 8 बजे पासवान का पार्थिव शरीर पटना एयरपोर्ट पर पहुंचा था। जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई दिग्गज नेताओं ने रामविलास को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान नीतीश की आंखें नम हो गई।
वहीं रामविलास की पहली पत्नी की बेटी और दामाद को पटना एयरपोर्ट पर अंदर जाने से रोके जाने पर हंगामा हो गया। बेटी आशा और दामाद अनिल कुमार साधु ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मी उन्हें अंदर नहीं जाने दे रहे थे। इस दौरान वहां पहुंचे उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी की कार को भी अनिल साधु ने रोक दिया। सुरक्षाकर्मियों की काफी कोशिश के बाद अनिल कार के सामने से हटे।
रामविलास की 2 बार हुई थी हार्ट सर्जरी
74 साल की उम्र में रामविलास पासवान का गुरुवार को दिल्ली में निधन हो गया था। वे पिछले कुछ महीनों से बीमार थे और 11 सितंबर को अस्पताल में भर्ती हुए थे। एम्स में 2 अक्टूबर की रात उनकी हार्ट सर्जरी हुई थी। इससे पहले भी एक बायपास सर्जरी हो चुकी थी।
राजनीति में लालू-नीतीश से सीनियर थे पासवान
1969 में पहली बार विधायक बने पासवान अपने साथ के नेताओं, लालू यादव और नीतीश कुमार से सीनियर थे। 1975 में जब आपातकाल की घोषणा हुई तो पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया, 1977 में उन्होंने जनता पार्टी की सदस्यता ली और हाजीपुर संसदीय क्षेत्र से जीते। तब सबसे बड़े मार्जिन से चुनाव जीतने का रिकॉर्ड पासवान के नाम दर्ज हुआ था।
11 बार चुनाव लड़ा, 9 बार जीते
2009 के चुनाव में पासवान हाजीपुर की अपनी सीट हार गए थे। तब उन्होंने एनडीए से नाता तोड़ राजद से गठजोड़ कर लिया था। चुनाव हारने के बाद राजद की मदद से वे राज्यसभा पहुंच गए और बाद में फिर एनडीएका हिस्सा बन गए। 2000 में उन्होंने अपनी लोजपा बनाई। पासवान ने अपने राजनीतिक जीवन में 11 बार चुनाव लड़ा और 9 बार जीते। 2019 का लोकसभा चुनाव उन्होंने नहीं लड़ा, वे राज्यसभा सदस्य बने। अभी मोदी सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री थे। पासवान के नाम कई उपलब्धियां भी दर्ज हैं। हाजीपुर में रेलवे का जोनल आॅफिस उन्हीं की देन है। अंबेडकर जयंती के दिन राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा पासवान की पहल पर ही हुई थी और अब उनके साथ एक और उपलब्धि जुट गई है, जिसे कोरोना काल के दौरान पूरे देश में लागू किया गया, वह है एक राष्ट्र-एक राशन कार्ड।

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