January 26, 2026

‘सियासत में सदाशयता’ : किसी नेता में मानवता की तलाश करनी है तो सीएम नीतीश को किया जा सकता है महसूस

मुख्यमंत्री ने ‘सियासत में सदाशयता’ पुस्तक का किया लोकार्पण


पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को 1, अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में ‘सियासत में सदाशयता’ पुस्तक का लोकार्पण किया। विधानसभा सचिवालय द्वारा प्रकाशित पुस्तक में बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के विचार, महत्वपूर्ण विषयों पर उनके तीन दर्जन आलेखों और उनकी जीवन यात्रा को एक सूत्र में पिरोया गया है। श्री चौधरी ने अपने आलेख में सीएम नीतीश की खूबियों और उनके कार्यांे का भी उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री के बारे में उद्धृृत करते हुये पुस्तक में विधानसभाध्यक्ष ने लिखा है कि, किसी नेता में मानवता की तलाश करनी है तो नीतीश कुमार को आपदा की घड़ी में महसूस किया जा सकता है। समाज में शांति के लिए शासक जब रात में जागता है, तभी जनता चैन की नींद सोती है।
सियासत में सदाशयता श्री चौधरी द्वारा लिखित आलेखों के संग्रह पर आधारित है, जिसमें उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं यथा- मृदुभाषिता, शालीनता, व्यवहार कुशलता आदि को दर्शाया गया हंै। इस पुस्तक में उनकी जीवन यात्रा को यर्थाथवादी तरीके से वर्णित किया गया है। पुस्तक की भाषा सबके लिये सुग्राह्य है। पुस्तक में श्री चौधरी द्वारा लिखे गये लगभग तीन दर्जन उपयोगी आलेखों से पाठकों की राजनीति, समाज और संविधान की जानकारी में इजाफा होगा। राजनेताओं और कानून के विद्यार्थियों के लिये पुस्तक में लिखे गये आलेख अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। साथ ही इस पुस्तक में सीएम नीतीश के नेतृत्व में बिहार के विकास के लिये विभिन्न क्षेत्रों में किये गये कार्य तथा लोगों के हितार्थ किये गये जन कल्याणकारी कार्यों को सारगर्भित तरीके से रखा गया है, साथ ही श्री चौधरी का नीतीश कुमार से जुड़ाव तथा उनके संबंधों की प्रगाढ़ता पर भी विस्तार से चर्चा की गयी है।
यहीं नहीं पुस्तक में विधानसभा की महत्वपूर्ण गतिविधियों, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत प्रक्षेत्र के छठे संकलन का सफल आयोजन, शराबबंदी कानून एवं जलवायु परिवर्तन पर विमर्श, विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली में सुधार तथा नियुक्ति की पारदर्शी प्रणाली बनाये जाने संबंधित अन्य विषयों पर चर्चा की गई है। पुस्तक का संकलन एवं संपादन वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शर्मा द्वारा किया गया है जबकि इसकी प्रस्तावना वरिष्ठ पत्रकार विनोद बंधु के द्वारा तैयार की गई है।

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