कोटा से छात्रों और उसके परिजनों के लिए 3 से 6 मई के बीच चलेगी विशेष स्पेशल ट्रेन, आज केरल के एर्नाकुलम और तिरूर से ट्रेनें खुलेंगी
फुलवारी शरीफ/खगौल (अजित )। दानापुर स्टेशन स्पेशल ट्रेन पहुंचने के बाद सबसे पहले बाहर से आये बिहारी यात्रियों को ट्रेन से बाहर निकलने पर इन सबों को स्थानीय रेलवे स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ और हाथ को सेनेटाइन से धोने के बाद अलग-अलग कमरों में रख कर खाना खिलाया गया। जहां सबों को एक फॉर्म देकर व्यक्तिगत रूप से नाम, पता, मोबाईल नम्बर, अगर कोरोना के लक्षण सर्दी, खांसी, बुखार आदि है तो इसकी जानकारी फॉर्म में माध्यम से मांगी गयी। फॉर्म भरने के बाद इन सबों का थर्मल स्क्रीनिग करने के बाद जांच की गयी। जांच प्रक्रिया में जो मजदूर निगेटिव पाया गये तो उसे बस मैं बैठा कर उसे उसके जिला ब्लॉक में भेज दिया गया। इसके लिए स्टेशन के आसपास और जगजीवन स्टेडियम में विभिन्न जिलों के बसों को पहले से तैयार रखा गया था। जयपुर से बिहारियों को लेकर चली यह ट्रेन आज दोपहर पौने एक बजे आने वाली थी, जो करीब दो बजे दानापुर स्टेशन पहुंची है।
बता दें जिन इलाके में जो यात्री जा रहे हैं उन्हें वहां सरकारी स्तर पर प्रखंड स्तरीय क्वारंटाइन सेंटरों में 21 दिन तक रखा जायेगा। जयपुर से पटना के दानापुर स्टेशन पहुंचने वाली लगभग 22 डिब्बों वाली इस ट्रेन में तकरीबन 1187 यात्री सवार थे। इस कार्य में रेलवे के अधिकारियों, रेलवे कर्मचारियों, पुलिस प्रशासन, मेडिकल, सफाईकर्मियों आदि सहित इस कार्य के लिए सेना को भी लगाया गया है। इसकी मॉनिटरिंग पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि स्वयं कर रहे थे। जिलाधिकारी कुमार रवि ने बताया कि फिलहाल अभी एक ट्रेन जयपुर से चलकर दानापुर पहुंची है। इसके बाद अगर जरूरत पड़ी तो और भी ट्रेन छात्रों को और मजदूरों को लाने के लिए लगाया जा सकता है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कोटा से छात्रों और उसके परिजनों के लिए 3 मई से 6 मई के बीच विशेष स्पेशल ट्रेन चलेगी। वहीं बिहार के लिए आज दो श्रमिक स्पेशल ट्रेन रवाना होने जा रही है। एक केरल के एर्नाकुलम और तिरूर से ये दोनों ट्रेनें खुलेंगी। बताया जा रहा है कि केरल के एर्नाकुलम से दानापुर के लिए शाम 6 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन खुलेगी। वहीं तिरूर से 5:30 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन खुलेगी। ये दोनों ही ट्रेनें दानापुर स्टेशन पहुंचेंगी।
पटना जिला प्रशासन ने दूसरे राज्यों से आने वाले मजदूरों के लिए जिला में 99 क्वारंटाइन सेंटर तैयार किये है। सभी मजदूरों को यहां 21 दिन तक क्वारंटाइन किया जाएगा। पटना सदर की बात करें तो 7 क्वारंटाइन सेंटर बनाये गए है। जिनमें गर्दनीबाग बालिका उच्च विद्यालय, गर्दनीबाग बालक उच्च विद्यालय, कमल नेहरू उच्च विद्यालय, कॉमर्स कॉलेज पटना, बांकीपुर गर्ल्स स्कूल पटना और राजेन्द्र नगर बालक उच्च विद्यालय में बनाये गए क्वारंटाइन सेंटर शामिल हैं। बाहर से जितने भी मजदूर पटना पहुंचेंगे, पहले उनकी मेडिकल स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए दानापुर जंक्शन के ठीक बगल में स्थित रेलवे हाई स्कूल में स्क्रीनिंग सेंटर बनाया गया है। वहीं, जिला प्रशासन ने फैसला लिया है कि कोटा सहित अन्य राज्यों से आने वाले छात्रों को क्वारंटाइन सेंटर में नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें होम क्वारंटाइन किया जाएगा। सभी छात्र 21 दिन तक घरों में क्वारंटाइन रहेंगे।
बता दें कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए लगाए गए लॉकडाउन 3 के शुरू होने से पहले गृह मंत्रालय ने दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों, स्टूडेंट, पर्यटकों के साथ ही साथ कुछ लोगों को विशेष ट्रेन चलाकर गृह राज्य पहुंचाने का निर्देश दिया है। रेलवे के तरफ से चलाई जा रही इस स्पेशल ट्रेनों को श्रमिक स्पेशल का नाम दिया गया है। रेल मंत्रालय ने इन लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय के लिए नोडल अधिकारी बनाए हैं।


