बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 15 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
- बंगाल की खाड़ी में बने दबाव का असर, तेज बारिश के साथ आंधी, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी
- पटना समेत कई इलाकों में उमस बरकरार, 14 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना
पटना। बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत दबाव क्षेत्र का असर बिहार के मौसम पर दिखाई देने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 13 अगस्त से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का पूर्वानुमान जताया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बिहार के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं, आंधी, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। एक ओर बारिश की संभावना ने लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद दी है, वहीं दूसरी ओर पटना समेत कई जिलों में उमस और चिपचिपी गर्मी अभी भी परेशानी का कारण बनी हुई है। उत्तर बिहार के कुछ जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से मौसम के दोहरे तेवर देखने को मिल रहे हैं।
13 अगस्त से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के कारण बिहार में मानसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। 13 अगस्त से राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर बढ़ सकता है। आज 15 जिलों के लिए भारी बारिश का नारंगी चेतावनी स्तर जारी किया गया है। राजधानी पटना में भी मौसम बदलने के संकेत हैं। आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में अचानक तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। हालांकि बारिश के बाद भी तत्काल उमस से पूरी तरह राहत मिलने की संभावना कम है। वातावरण में नमी अधिक रहने के कारण बारिश रुकने के बाद फिर से चिपचिपी गर्मी महसूस हो सकती है।
14 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग ने 14 अगस्त को राज्य के बड़े हिस्से में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। गया, जहानाबाद, पटना, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, खगड़िया और मुंगेर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की स्थिति भी बन सकती है। कुछ स्थानों पर अचानक मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोगों को आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर नहीं रहने की हिदायत दी गई है।
15 और 16 अगस्त को भी बना रहेगा असर
मौसम का प्रभाव केवल एक दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। 15 अगस्त को बिहार के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके अगले दिन 16 अगस्त को भी उत्तर और पूर्वी बिहार में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश का प्रभाव विशेष रूप से उत्तर और पूर्वी बिहार में अधिक रह सकता है। इससे तापमान में गिरावट आने की संभावना है, हालांकि वातावरण में नमी बढ़ने से उमस बनी रह सकती है।
मानसून की दिशा में बदलाव से बढ़ेगी बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बारिश की इस सक्रियता के पीछे मानसून की गर्त रेखा में बदलाव और नमी वाली हवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में मानसून की गर्त रेखा के उत्तर की ओर खिसकने की संभावना है। इसके कारण बारिश का मुख्य क्षेत्र हिमालय की तराई और उत्तर-पूर्वी बिहार की ओर बढ़ सकता है। इस मौसमी बदलाव का असर बिहार के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है। जहां उत्तर और पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अधिक रह सकती हैं, वहीं कुछ अन्य क्षेत्रों में बादल छाने के बावजूद अपेक्षाकृत कम बारिश हो सकती है।
आकाशीय बिजली को लेकर विशेष सावधानी
बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ और बिजली के खंभों के आसपास नहीं रहने की अपील की है। गरज-चमक शुरू होने पर सुरक्षित और पक्की जगह पर शरण लेना अधिक सुरक्षित रहेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे खड़ा होना भी जोखिम भरा हो सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और पशुपालकों को मौसम खराब होने पर खुले स्थानों से सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी गई है।
गर्मी और बारिश के दोहरे तेवर
बिहार में इस समय मौसम का मिजाज एक साथ दो अलग तस्वीर दिखा रहा है। एक तरफ बंगाल की खाड़ी से बन रही मौसमी प्रणाली बारिश को सक्रिय कर रही है, तो दूसरी तरफ कई जिलों में धूप और अधिक नमी के कारण गर्मी परेशान कर रही है। उत्तर बिहार के सुपौल समेत छह जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचना इसी बदलाव का संकेत है। आने वाले तीन-चार दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में कुछ कमी आने की उम्मीद है। हालांकि उमस से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को बदलते मौसम पर नजर रखने और तेज बारिश, आंधी तथा आकाशीय बिजली के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।


