पटना में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, गोलीबारी के बाद ग्रामीणों ने दो हमलावरों को पकड़ा, एक की मौत

  • गौरीचक के लक्ष्मीचक गांव में कई राउंड चली गोलियां, निशाने पर था स्थानीय व्यक्ति, हमले में बाल-बाल बचा
  • ग्रामीणों की पिटाई से एक आरोपी की अस्पताल में मौत, तीसरे हमलावर की तलाश में पुलिस की लगातार छापेमारी

पटना। राजधानी पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मीचक गांव में मंगलवार देर रात जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति को निशाना बनाकर कई राउंड गोलियां चलाई गईं। हालांकि जिस व्यक्ति पर हमला किया गया, वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद भाग रहे तीन आरोपियों में से दो को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल दोनों आरोपियों को पुलिस ने उपचार के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई, जबकि दूसरे का उपचार जारी है। पुलिस तीसरे फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार यह घटना गौरीचक थाना क्षेत्र के लक्ष्मीचक गांव की है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गांव के निवासी सुरेश सिंह उर्फ मास्टर को निशाना बनाकर हमलावरों ने कई राउंड गोलियां चलाईं। गोलीबारी के दौरान इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि सुरेश सिंह इस हमले में सुरक्षित बच निकले और उन्हें कोई गोली नहीं लगी। घटना के तुरंत बाद हमलावर मौके से भागने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने उनका पीछा किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रामीणों ने काफी दूरी तक पीछा करने के बाद दो आरोपियों को पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने दोनों की जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान तीसरा आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। घटना की सूचना मिलते ही गौरीचक और परसा बाजार थाना की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ के बीच से दोनों घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जिससे उनकी जान बचाने का प्रयास किया जा सके। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय विवेक कुमार और 28 वर्षीय सूरज कुमार के रूप में की है। दोनों को गंभीर हालत में पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन सूरज कुमार की हालत लगातार बिगड़ती गई और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। वहीं विवेक कुमार का उपचार अभी जारी है और उसकी स्थिति पर चिकित्सकों की लगातार नजर बनी हुई है। पटना सिटी सदर-दो के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रंजन कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में यह जानकारी मिली कि गोलीबारी करने वाले आरोपी परसा बाजार थाना क्षेत्र के धमौल गांव की दिशा में भागे थे। जब पुलिस वहां पहुंची, तब तक ग्रामीणों ने दो आरोपियों को पकड़ रखा था। तीसरा आरोपी फरार हो गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस ने दो जीवित कारतूस, एक खाली खोखा और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। जांच में यह भी सामने आया कि बरामद मोटरसाइकिल फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में प्रयुक्त हथियार कहां से लाए गए और आरोपियों का किसी संगठित आपराधिक गिरोह से कोई संबंध है या नहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं, ताकि जांच को तकनीकी आधार पर आगे बढ़ाया जा सके। इसके अलावा आसपास लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि इन रिकॉर्डिंग से फरार आरोपी की पहचान और उसके भागने के रास्ते के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।प्रारंभिक जांच में इस पूरी घटना के पीछे जमीन विवाद की बात सामने आई है। पुलिस संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है और पुराने विवादों का भी रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है तथा किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। घटना के बाद लक्ष्मीचक और आसपास के गांवों में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिस लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना दोबारा न हो। अधिकारियों ने लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस और प्रशासन को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी और जांच पूरी होने के बाद पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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